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मेट्रो जयपुर में सार्वजनिक परिवहन की बड़ी जरूरत को पूरा करेगी राजस्थान में सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता अधिक है -प्रधानमंत्री


जयपुर, 21 सितम्बर। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने शनिवार को यहां जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम चरण के भाग बी के तहत चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक बनने वाले भूमिगत कॉरीडोर के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने इसी के साथ जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के प्रथम चरण में राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ी जा चुकी सौर ऊर्जा परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दोनों ही परियोजनाएं अपने-अपने तरीके से पैट्रोल, डीजल एवं कोयले पर निर्भरता कम करने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मददगार होंगी।



प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए विभिन्न कम्पनियों के विकासकत्र्ताओं को प्रशंसा पत्र एवं ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक कारगर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पैट्रोल और डीजल के इस्तेमाल में कमी लाती है, इसी तरह सौर ऊर्जा हमारी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने का जरिया बन सकती है। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक विकास के लिए यह जरूरी है कि सस्ते दामों पर आसानी से ऊर्जा उपलब्ध हो। बीते दशक में हमारी ऊर्जा की जरूरतें बढ़ी हैं, फिर भी हम अपनी ऊर्जा की जरूरतों के एक बड़े हिस्से को पूरा करने के लिए लगातार महंगे होते आयात पर निर्भर रहे हैं। इसके अलावा कोयला, तेल तथा गैस के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है, जिससे हमारे पर्यावरण पर खराब असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं के मद्देनजर नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारी खुशकिस्मती है कि देश के ज्यादातर इलाकों में अधिकांश समय सूरज की रोशनी उपलब्ध रहती है। ऎसे में सौर ऊर्जा हमारी ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के तहत सन् 2020 तक 20 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा को ग्रिड से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। देश में ग्रिड से जुड़ी सौर ऊर्जा परियोजनाओं की कुल क्षमता 1970 मेगावाट हो गई है। इसमें से 640 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं मिशन की केन्द्रीय योजनाओं के तहत शुरू की गई हैं और इनमें आधे से ज्यादा राजस्थान में लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं खास तौर पर ज्यादा हैं।

डॉ. सिंह ने शहरी विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी देश में शहर उसके आर्थिक इंजन होते हैं। हमारे सकल घरेलू उत्पाद में शहरों का योगदान 60 फीसदी से अधिक है। ऎसा अनुमान है सन् 2031 तक लगभग 60 करोड़ लोग शहरी क्षेत्रें में रहने लगेंगे। देश में तेजी से बढ़ते इस शहरीकरण से बहुत सी चुनौतियां पैदा हो रही है। जिनमें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की एक चुनौती है। उन्होंने कहा कि मेट्रो परिवहन इस चुनौती का एक अच्छा हल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जयपुर मेट्रो परियोजना इस शहर की एक बड़ी जरूरत को पूरा करेगी।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस वे परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना को लागू करने की दिशा में हमने काम करना शुरू कर दिया है तथा दोनों संबंधित राज्य सरकारों ने परियोजना पर अपनी सहमति भी दे दी है। इससे जयपुर-दिल्ली के बीच का सफर दो घंटे में तय हो सकेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के आस-पास नए शहर और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे जिससे लोगों की खुशहाली बढेगी। इसे देखते हुए ही हम इस परियोजना को प्राथमिकता से आगे बढ़ाएंगे।

डॉ. सिंह ने यूपीए सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं मिड-डे-मील, शिक्षा के अधिकार, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, खाद्य सुरक्षा कानून, मनरेगा तथा आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध करवाई गई है। शिक्षा के अधिकार की बदौलत आज देश के लगभग सभी बच्चे प्राथमिक शिक्षा का लाभ पा रहे हैं। मिड-डे-मील योजना के तहत रोजाना 11 करोड़ से ज्यादा बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि एनआरएचएम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है। इसके साथ ही हाल ही में खाद्य सुरक्षा कानून बनाया है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रें में 50 प्रतिशत लोगों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध करवाया जाएगा। बीते 9 सालों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ ही बिजली का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ, देश में बहुत से हवाई अड्डे विकसित किए गए तथा बहुत से शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं। सूचना के अधिकार से सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ी है। जिससे आम आदमी को सरकारी कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त हो रही है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. फारूख अब्दुल्ला के प्रयासों से नवीकरण ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ ही सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान के मुख्यमंतर््ी श्री अशोक गहलोत द्वारा किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो भी इस बात की जीती जागती मिसाल है कि किस तरह मुख्यमंत्री ने राजस्थान सरकार के बूते पर जयपुर शहर में सुधार लाने के लिए बडे कदम उठायें है। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि श्री गहलोत ने राजस्थान में आम आदमी की जिन्दगी को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है।

इस अवसर पर केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन के प्रथम चरण में 1300 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है जिसमें सबसे ज्यादा कार्य राजस्थान ने किया है। उन्होंने सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में राजस्थान सरकार की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वक्त में राजस्थान देश में अग्रणी होगा। उन्होंने कहा कि आज देश में सूरज, हवा और धरती की गर्मी से बिजली पैदा करने की जरूरत है। इस दिशा में आने वाले वक्त में भारत दुनिया को रोशन करेगा।

डॉ. अब्दुल्ला ने कहा कि आज ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अनेक देश भारत की ओर देख रहे है। ऎसे में हमें नवीकरणीय ऊर्जा के साधनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश में बेहतर कार्यक्रमों एवं नीतियों के कारण से राजस्थान का तेज गति से चहुंमुखी एवं संतुलित विकास हो रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को किशनगढ़ में हवाई अड्डे तथा जयपुर में मेट्रो प्रोजेक्ट के प्रथम चरण के द्वितीय भाग का शिलान्यास करने पर प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी की नई सोच के कारण कई नीतियां बनी, जिससे आज देश में तमाम राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में मेट्रो का कार्य अपने आप में महत्व रखता है क्याेंकि राजस्थान के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो में यात्रियों को विश्वस्तरीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे सफर का अहसास होगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो के द्वितीय परियोजना के सीतापुरा से अम्बाबाड़ी तक का कार्य भी शीघ्र कराये जाने के प्रयास किये जायेंगे।

श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान में तेल, गैस, आयरन ओर के कारण तेज गति से विकास हो रहा है। बिजली के उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री ने जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन के तहत सोलर पॉवर प्लांट फेज -1 राष्ट्र को समर्पित किया है। इस मिशन के तहत पूरे देश में स्वीकृत 1100 मेगावॉट की परियोजनाओं में से राज्य में स्वीकृत परियोजनाओं की केपेसिटी 700 मेगावॉट है। उन्होंने कहा कि हाल ही फलौदी में 3000 मेगावाट के सोलर पार्क का शिलान्यास किया गया है। यह पार्क विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क होगा। उन्होंने कहा कि 5 साल में हमने 7222 मेगावाट के बिजली का अतिरिक्त उत्पादन किया है। श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान देश का वो राज्य होगा जो ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन के कारण हमने कई जनकल्याणकारी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया है। उन्हाेंने कहा कि राज्य की सामाजिक सुरक्षा योजना की पूरे मुल्क में चर्चा है। श्री गहलोत ने कहा कि ’मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना’ में राजस्थान सिरमौर बनता जा रहा है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान में सभी प्रमख संस्थान स्थापित किये गये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत लगभग 5 सालों में हमने बड़े-बड़े प्रोजेक्ट हाथ में लिये है। उन्होंने कहा है कि बांसवाड़ा - डूंगरपुर रेल परियोजना तथा टोंक में रेलवे निर्माण कार्यों में हमने 50 प्रतिशत भागीदारी निभाने की पहल की है। उन्होंने कहा है कि बाड़मेर में रिफायनरी के प्रोजेक्ट को केन्द्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री शान्ति धारीवाल ने कहा कि जयपुर मेट्रों का कार्य रिकार्ड समय में पूरा हुआ है। उन्होंने कहा है कि मेट्रो का ट्रायल रन हो चुका है और तीन माह बाद दिसम्बर में यह मेट्रो शुरू हो जायेगी। श्री धारीवाल ने कहा कि मेट्रो के द्वितीय चरण में सीतापुरा से अम्बाबाड़ी तक के कार्य के लिए भी केन्द्र सरकार ने सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि जयपुर को विश्व स्तरीय शहर बनाने की दिशा में मेट्रो एक महत्वपूर्ण कदम है।

समारोह में शिक्षा मंत्री श्री बृजकिशोर शर्मा, सांसद डॉ. महेश जोशी, विधायक श्री प्रतापसिंह खाचरियावास सहित मेट्रो परियोजना, ऊर्जा विभाग के अधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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