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यू.पी.ए. अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा डूंगरपूर में रतलाम बांसवाडा डूंगरपूर रेल लाईन का शिलान्‍यास


सदियों के सपने को किया साकार

श्रीमती सोनिया गांधी ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना की आधारशिला रखी
श्री गहलोत के प्रयासों से वागड़ के लोगों की आंखों में चमकी भविष्य की खुशी

जयपुर, 3 जून। यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने शुक्रवार की भोर में डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना की ज्यों ही आधारशिला रखी, वागड़ क्षेत्र की असंख्य आंखें अपने सदियों पुराने सपने को साकार होेते देख खुशी से खिलखिला उठीं और उन्होंने हाथ ऊपर उठाकर अपनी खुशी का इज़हार किया। श्रीमती गांधी ने भी वागड़ क्षेत्र के आदिवासियों की खुशी में खुद को जोड़ा और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के प्रयासों से वागड़ क्षेत्र की भाग्यरेखा अब विकास की डगर पर तेज रफ्तार से दौड़ेगी और इस क्षेत्र का भविष्य ऊॅंचाईयों को छूने लगेगा। श्री गहलोत ने वागड़ क्षेत्र के लिए वरदान साबित होने वाली इस परियोजना की मंजूरी के लिए जो अनूठे प्रयास किए वो इस क्षेत्र के लोगों के खिलखिलाते चेहरे से साफ नज़र आ रहा था।


श्रीमती सोनिया गांधी ने आज प्रातः लगभग दस बजे डूंगरपुर रेल्वे स्टेशन के समीप आयोजित एक समारोह में इस रेल परियोजना की आधारशिला रखी और उत्सुकता से राज्य के मुख्यमंत्री श्री गहलोत से इसके बारे में जानकारी हासिल की। श्रीमती गांधी का मुस्कराता हुआ चेहरा इस बात का द्योतक था कि वह इस रेल परियोजना की आधारशिला रखकर दक्षिणी राजस्थान के इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के विकास की गति को कई गुना तेज करने की शुरूआत कर रही है।

श्रीमती गांधी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परियोजना की आधारशिला के रूप में एक ईंट रखी और शिलान्यास पट्ट का अनावरण किया। लाल मखमली पर्दे की डोरी खिंचते ही आदिवासी नर-नारियों की तालियों से पूरा वातावरण गूज उठा। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के अलावा केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री विलासराव देशमुख, केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री डॉ. सी.पी.जोशी, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री कुमारी शैलजा, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री मुकुल वासनिक, केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री श्री के.एच.मुनियप्पा, श्री मुकुल रॉय एवं श्री भरतसिंह सोलंकी भी अनावरण के वक्त मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री गहलोत के प्रयासों से ही यह देश की पहली नई परियोजना कहलाएगी जिसके लागत की पचास प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार द्वारा वहन की जा रही है। इतना ही नहीं इसमें आने वाली भूमि की लागत भी राज्य सरकार वहन कर रही है जो 1056.84 करोड़ रुपये है। कुल 2082.15 करोड़ रुपये की इस परियोजना में रेल्वे द्वारा 1025.91 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।

यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी अपने निर्धारित समय के अनुसार लगभग दस बजे हेलीकॉप्टर द्वारा डूंगरपुर रेल्वे स्टेशन के समीप बनाए गए हेलीपेड पर पहुंची। उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत व केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री विलासराव देशमुख भी थे। हेलीपेड पर केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री श्री के.एच.मुनियप्पा, श्री मुकुल रॉय, श्री भरतसिंह सोलंकी, रेल्वे बोर्ड के सदस्य इंजीनियरिंग श्री ए.पी.मिश्रा, महाप्रबंधक श्री आर.सी.अग्रवाल, बांसवाड़ा-डूंगरपुर लोकसभा सांसद श्री ताराचंद भगोरा ने उनकी अगवानी की। दूसरे हेलीकॉप्टर में केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री डॉ. सी.पी.जोशी, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री कुमारी शैलजा, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री मुकुल वासनिक यहां पहुंचे।

श्रीमती सोनिया गांधी मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियांे के साथ शिलान्यास स्थल पर पहुंची। रेल्वे बोर्ड के सदस्य इंजीनियरिंग श्री ए.पी.मिश्रा ने यहां लघु प्रदर्शनी में लगाए गए चार्टों के माध्यम से इस नई रेल परियोजना के बारे में जानकारी प्रदान की। शिलान्यास स्थल पहुंचने पर समाजसेवी एडवोकेट श्री शंकर यादव, जिला प्रमुख श्री भगवतीलाल रोत, डूंगरपुर विधायक श्री लालशंकर घाटिया, आसपुर विधायक श्री राईया मीणा, सागवाड़ा विधायक श्री सुरेन्द्र बामणिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य समारोह स्थल पर सर्वप्रथम यूपीए अध्यक्ष श्रीमती गांधी को सांसद श्री ताराचंद भगोरा व डूंगरपुर विधायक श्री लालशंकर घाटिया ने विशाल पुष्पहार पहनाया तथा आदिवासी संस्कृति के प्रतीक चिन्ह तीर-कमान भेंट किए। इस मौके पर श्रीमती उर्मिला अहारी तथा राधादेवी घाटिया ने श्रीमती गांधी को आदिवासियों के परंपरागत चांदी के आभूषण साकली व दोडला पहनाकर परंपरागत ढंग से स्वागत किया।

रेल्वे बोर्ड के सदस्य इंजीनियरिंग श्री ए.पी.मिश्रा ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम नई रेल परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। स्वागत उद्बोधन उत्तर पश्चिम रेल्वे के महाप्रबंधक श्री आर.सी.अग्रवाल ने दिया। समारोह के अंत में मुख्य अभियंता श्री एच.के.जग्गी ने आभार प्रदर्शन किया वहीं उत्तर पश्चिम रेल्वे की ओर से महाप्रबंधक ने श्रीमती गांधी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

समारोह में जिले के प्रभारी एवं पर्यटन राज्यमंत्री श्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा, प्रभारी सचिव डॉ. मंजीतसिंह, संभागीय आयुक्त श्रीमती अपर्णा अरोरा, आईजी श्री गोविन्द गुप्ता, जिला कलक्टर श्री पूर्ण चंद्र किशन, एसपी डोन के. जोंस सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

श्रीमती गांधी ने आदिवासियों के बीच पहुंच किया अभिवादन:
समारोह स्थल और इसके चारों तरफ उमड़े आदिवासियों को देखकर यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी बिना किसी निर्धारित कार्यक्रम के इन आदिवासियों के बीच जा पहुंची और जीप के खुले द्वार से खड़े होकर हजारों आदिवासियों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान लोक कलाकारों द्वारा समारोह स्थल पर दी जा ही वागड़ अंचल में होली के परंपरागत गैर नृत्य की प्रस्तुतियां को देखकर श्रीमती गांधी बड़ी प्रभावित हुई।

आंखों की चमक में दिखी पूरी होती मुराद:
आज प्रातः डूंगरपुर के रेल्वे स्टेशन पर शिलान्यास समारोह में सम्मिलित होने आए बाल-अबाल-वृद्ध नर-नारियों की निगाहें एकटक हो शिलान्यास पट्ट के परदे के पीछे शिलालेख पर उस इबारत को पढ़ने की आकांक्षी दिखी जिसमें उनके सपने को पूरा होने का जिक्र था। यहां मौजूद लोगों को मानों इस परदे के पीछे सदियों के सपने की साक्षात तस्वीर का इंतजार था। डूंगरपुर-बांसवाड़ा-रतलाम रेल्वे परियोजना के शिलान्यास पट्ट से जैसे ही पर्दा उठा तो यहां पर मौजूद हजारों लोगों की आंखों में गज़ब की चमक दिखाई दी। इन आंखों के चमक ने इस अंचल की बरसों पुरानी मुराद के पूरी होने की गवाही दी।

ऐवरी रोड लीड्स टू रेल्वे स्टेशन:
अंधियारी रात को चीरकर अवतरित हुई सूर्य रश्मियां भी आज वागड़वासियों के लिए सुकूनदायी साबित हो रही थी। आज सुबह से ही हर व्यक्ति सदी की इस सौगात के पूरा होने का साक्षी बनना चाह रहा था और यही कारण था कि डूंगरपुर जिले की हर सड़क पर वाहन रेल्वे स्टेशन की ओर ही जाते नज़र आए।

जश्न ने तोड़ी चुप्पी:
दिनभर में मात्र एक ही ट्रेन के आवागमन से रेल्वे स्टेशन आमतौर पर नीरव रहता था, शुक्रवार अलसुबह से ही रेल्वे स्टेशन पर जश्न सा माहौल था। रेल्वे पटरियों के पार्श्वभाग में शिलान्यास समारोह स्थल का पूरा पाण्डाल आज दर्शकों से खचाखच भरा था और इस माहौल ने यहां की चुप्पी को तोड़ा।

पटरियों पर मानवीय रेल:
रेल्वे स्टेशन के समीप आयोजित हो रहे समारोह को देखने के लिए डूंगरपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में आदिवासी उमड़े और रेल पटरियों पर जमा हो गए। स्टेशन के दोनों छोरों पर पूरी पटरी लोगों से भरी पड़ी थी और दूर से इस पटरी पर लोगों का रैला दिखाई दे रहा था। इसके साथ ही रेल्वे स्टेशन के आसपास की पहाड़ियों पर भी लोगों का समूह जुटा हुआ था।

मुद्दतों के बाद पूरा हो रहा सपना:
यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के पहुंचने से पूर्व ही हजारों की तादाद में ग्रामीण पहुंुचे थे और श्रीमती सोनिया गांधी का इंतजार करते नजर आये। रेलवे लाईन के निकट स्थित ग्राम ददोड़िया से आए नटवर कटारा ने बताया कि बहुत समय से इस रेल लाईन के आने की बात कहते थे, अब जाकर यह कार्य हुआ है। नटवर के साथ आए अन्य ग्रामीणजनों ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस रेल लाईन के आने से अन्य बड़े शहरों में जाने का किराया कम लगेगा और कम खर्च में जल्दी पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि रेल लाईन के आने से गांव में बहुत खुशी का माहौल है क्योंकि इसके आने से इस रेलवे स्टेशन का भी विस्तार होगा जिससे यहां के फुटकर विक्रेता, थड़ी पर व्यापार करने वालों की आमदनी बढ़ने की संभावना है तथा रोजगार के अवसर बढ़ने से गांव वालों को अपना परिवार छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

सोनिया ने जोवा आव्या ह:
सोनिया नो नाम त गणु हामरू है, पण कारे जोयु नत एटले खबर पडी कि आज्ये आबा ना है एटले हेतो गांव वारा आव्या है अर्थात् यानि सोनियाजी का नाम तो बहुत सुना था लेकिन कभी देखा नहीं था और पता चला कि आज यहां आ रही है तो गांव वालों के साथ देखन चली आई। ये बात टाड़ी उमरी से आई ग्रामीण महिलाओं अन्ना देवी, कांता देवी, हाजु और उनके साथ गांव से पहुंची कार्यक्रम स्थल पर पहुंची अन्य महिलाओं ने कहे।
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