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Press Conference at AICC HQ (Delhi)

दिनांक
27/07/2022
स्थान
AICC HQ (Delhi)


देखिए जो आप देख रहे हैं कि ईडी द्वारा जो तमाशा हो रहा है देश के अंदर, पहले राहुल गांधी जी को बुलाया और 5 दिन तक लगातार, ऐसा कभी होता नहीं है, किसी ने सुना भी नहीं होगा कि 5 दिन तक लगातार 50 घंटे आप पूछताछ करें। सोनिया जी को बुलाया है, अब आज तीसरा दिन है, तीसरी बार है और पता नहीं वो कब तक बुलाएं। तो ये जो ईडी का आतंक है देश के अंदर, ये आतंक मचा रखा है, इसका फैसला जल्द ही होना चाहिए, सुप्रीम कोर्ट में केसेज चल रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि जो देश का मूड है, पूरे देश के अंदर लोग चिंतित हैं और 0.5 पर्सेंट भी इनकी सक्सेस रेट नहीं है, तो क्यों नहीं इसके लिए जल्द ही फैसला हो, ये सीआरपीसी का प्रोसेस भी अडॉप्ट नहीं कर रहे हैं, इनका अलग ही तरीका है, तफ्तीश करने का भी, अरेस्ट करने का भी, बयान लेने का भी, इनको एक प्रकार से सीबीआई से ज्यादा पावर मिली हुई है, इनकम टैक्स जहां जाता है वहां चले जाते हैं ये लोग। तो एक इश्यू बन गया है देश के अंदर, उसको भारत सरकार को खुद को चाहिए कि डेमोक्रेसी में उचित नहीं है वो, बाकायदा सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को जल्दी करवाए ये एक तो मैं निवेदन करना चाहता हूं। ईडी का उपयोग सरकारें गिराने के लिए किया जाता है बड़े रूप के अंदर, जो महाराष्ट्र में देखा अभी आपने, सरकारें गिराने का काम तो कर सकती है ईडी, पर मंत्रिमंडल बनाने का काम नहीं कर सकती है, 28 दिन से वहां मंत्रिमंडल नहीं बना है, खाली सीएम और डिप्टी सीएम वहां पर बैठे हुए हैं, तो ये क्या इंगित करता है, डेमोक्रेसी किस दिशा में जा रही है, आप लोग सोच सकते हो। इस रूप में आज महंगाई और बेरोजगारी की जो स्थिति है देश के अंदर, आर्थिक स्थिति गर्त में जा रही है, उसको लेकर पूरा देश चिंतित है, नौजवान चिंतित हैं उसके लिए, महंगाई से आम नागरिक चिंतित है, उसके ऊपर पार्लियामेंट के अंदर बहस करना चाहें तो करने की इजाजत नहीं दी जाती है, 19 लोगों को सस्पेंड कर दिया कल, पहले 4 को कर दिया, आजाद साहब और बैठे हैं हमारे आनंद शर्मा जी वरिष्ठ नेता, जहां तक मुझे नॉलेज है कांग्रेस शासन में कभी भी किसी को सस्पेंड नहीं किया जाता था, 1980 से हम देख रहे थे, उससे पहले भी, 1980 से हम देखते थे कि 12-12 दिन तक पार्लियामेंट नहीं चली है, तब भी किसी को बाहर फेंकने की बात ही नहीं होती थी, आज इन्होंने मजाक बना रखी है। ये तमाम जो स्थितियां बनी हैं देश के अंदर, इससे पूरा देश इतना घबराया हुआ है, चिंतित है और इनको ये घमंड है कि देश इन बातों को भी सपोर्ट कर रहा है क्योंकि इन्होंने अपने वादे तो भुला दिए, मेरे पास बहुत लंबी लिस्ट है जहां पर 2014 के चुनाव के अंदर जो कैंपेन चला था, वो बातें तो लोकपाल भी हो, चाहे वो ब्लैक मनी लेकर आएंगे, वो सरकार बनते ही जो एसआईटी बनी थी सुप्रीम कोर्ट की जज की अध्यक्षता में ब्लैक मनी लाने वाले की, वो तो सब गायब ही हो गया, उनकी बातें तो क्या करें? कल जो मीडिया ने एजेंडा दिनभर चलाया सोनिया गांधी जी का और इनको जो अरेस्ट किया गया और उन्होंने खाली बस उसी पर डिबेट चलती रही कि सोनिया गांधी जी के बयान लेने के उपलक्ष्य में भी हल्ला हो रहा है कांग्रेस द्वारा, महंगाई और दूसरे मुद्दे दूसरे भी हैं, बेरोजगारी के हैं, उन पर क्यों नहीं हो रहे हैं? किसने कहा नहीं हो रही है? जयपुर में एक राष्ट्रीय स्तर का महंगाई विरोधी सम्मेलन हुआ था आपको याद होगा, आपमें से कुछ लोग आए होंगे वहां पर, उस वक्त से ही करीब सालभर हो गया, उस वक्त से ही महंगाई-बेरोजगारी हमारा मुख्य मुद्दा है, पर कितना मीडिया दिखाता है उसको? कितना कवरेज करता है? क्योंकि मीडिया दबाव के अंदर है, मीडिया के मालिक तो बहुत घबराए हुए हैं, कब ईडी पहुंच जाए, कब इनकम टैक्स पहुंच जाए, कब सीबीआई पहुंच जाए, ये स्थिति है देश के अंदर और हालात यही थे, कोई दिखाते नहीं हैं, डिस्कशन डिबेट होती है तो कहां होती है उन मुद्दों पर ज्यादा? इसलिए मैं निवेदन करना चाहूंगा कि हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट भी फैसले जल्दी करे, मैंने सुना है कि सैकड़ों वहां पर ईडी को लेकर एसएलपी दायर की हुई हैं, फैसला सुनते हैं आ रहा है, आ रहा है, आ नहीं रहा है, तो ये स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और बाकी तो जो अभी हमारे आजाद साहब अपनी बात कहेंगे, इतना मैं कह सकता हूं कि अभी जो आतंक की स्थिति बना रखी है, वो देशहित में नहीं है, लोग घबराए हुए हैं और मैं फिर कहना चाहूंगा कि सुप्रीम कोर्ट को आगे आकर जल्दी फैसला करना चाहिए।

सवाल- सीएम साहब ने कई बार कहा कि ईडी के प्रमुख और सीबीआई के प्रमुख से मिलना चाहते हैं... प्रधानमंत्री जी, गृहमंत्री जी ......
जवाब- देखिए प्रधानमंत्री जी से और गृहमंत्री जी से मिलने के लिए बहुत सारे इश्यूज हैं राजस्थान को लेकर भी, ईडी को लेकर जो मैं बोल रहा हूं तो मैं उम्मीद करता हूं कि पीएमओ और होम मिनिस्ट्री के जो अधिकारी हैं या उनके जो प्रेस अटैची हैं वो अवश्य मेरी भावना पहुंचा रहे होंगे, वो उनको नहीं मालूम है क्या? जब मैं ये कह रहा हूं कि ऊपर के आदेश से ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स काम कर रही है नंबर 1, नंबर 2 प्राइवेटली वो खुद ही कहते हैं कि कोई रेड होने के पहले कायदा होता है कि करीब-करीब 1 महीने पहले रैकी होती है, असेसमेंट होता है कि क्या संभावना है कैश मिलने की या डॉक्यूमेंट मिलने की। वो कहते हैं कि रात को इत्तिला देकर सुबह छापे डाल दो यहां-यहां पर, वो सब जानते हैं, ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई के अधिकारी भी समझ गए हैं कि ये क्या हो रहा है तमाशा, पर बोल नहीं पा रहे हैं उनको नौकरी करनी है, पब्लिक चिंता में है इसलिए नहीं बोल पा रही है। तो मेरे कहने का, जो तीनों से मिलने का मकसद था या टाइम मांगा मैंने, टाइम आया, फटाफट आ गया टाइम और फिर फटाफट मना भी आ गया कि नहीं हम आकर खुद ही मिल लेंगे आपसे। तो कहने का मतलब ये है कि ये तमाम बातें जो मैंने कही हैं उनको, वो मैंने एक मैसेज देने के लिए कही हैं प्रधानमंत्री जी को भी और गृहमंत्री जी को भी।

सवाल- आपने सुप्रीम कोर्ट का जिक्र किया कि सुप्रीम कोर्ट आगे आकर जल्द से जल्द फैसला करे.....
जवाब- जहां तक मुझे जानकारी है कि कोई फैसला आने वाला है इसका, ईडी में ईडी को लेकर कई वहां पर एसएलपी फाइल हुई हैं, तो जल्द ही आना चाहिए क्योंकि ईडी के पास इतनी ज्यादा पावर आ गई है कि सीबीआई से ज्यादा ईडी में पावर आ गई है। सीआरपीसी का जो प्रोसेस होता है, ईडी को एक प्रकार से उसको भी फॉलो करने की आवश्यकता नहीं है, बुलाया, बातचीत की, वो किसी को भी अरेस्ट कर सकते हैं, बयान लेते हैं वो, बयान कोर्ट में भी लिए उनके मान्य होते हैं। तो ये जो स्थिति है उसको लेकर मैंने कहा कि जो फैसला आना है वो आ जाए स्थिति स्पष्ट हो जाएगी ये बात मैंने कही थी।

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