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Talked to media at RamNiwas Bagh Jaipur, Nov 14

दिनांक
14/11/2022
स्थान
RamNiwas Bagh Jaipur


पंडित नेहरू प्रथम प्रधानमंत्री थे, आजादी की जंग के अंदर जो उनकी भूमिका थी, बेमिसाल थी, सारी सुख-सुविधाएं त्यागकर बाद में आनंद भवन भी, सरदार भवन भी, सब दे दिया देशवासियों को इलाहाबाद के अंदर, 9-10 साल तक जेलों में बंद रहे वे और जेल में बैठकर उन्होंने भारत एक खोज, डिस्कवरी ऑफ इंडिया और ग्लिम्प्सेज ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री लिखी और प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में जो इस देश की नींव रखी है, आज उस पर ही देश खड़ा है, बड़ी-बड़ी संस्थाएं एम्स जैसी संस्थाएं, आईआईटी जैसी संस्थाएं, कृषि के अंदर संस्थाएं रिसर्च की, सबकुछ उन्होंने बड़े-बड़े बांध बनाए भाखड़ा डैम की तरह, बड़े-बड़े इस्पात के कारखाने लगाए गए जिससे कि हम आत्मनिर्भर बनें, कोई मुकाबला नहीं, दुर्भाग्य इस बात का है कि एक तरफ तो बाल दिवस मनाते हैं हम लोग, बच्चों में अच्छे संस्कार पैदा हों पंडित नेहरू की तरह और दूसरा 'चाचा नेहरू' कहते थे उनको, क्यों कहते थे उस जमाने के अंदर, अब जो वर्तमान सरकार ने, मुझे ऐतराज है इस बात का कि आप अमृत महोत्सव मना रहे हो देश का तो क्या देश के पूर्व प्रधानमंत्री को याद ही नहीं करेंगे? जो उनका कॉन्ट्रीब्यूशन था, उनको याद तो करो जिससे कि नई पीढ़ी कुछ सीखे, समझे और कुछ ग्रहण करे, नई पीढ़ी को अगर आप इतिहास नहीं बताओगे तो वो क्या ग्रहण करेंगे, क्या इतिहास समझेंगे? बिना इतिहास के वो क्या, कल उनके ऊपर भार आएगा देश का और प्रदेश का, तो वो आगे वाली पीढ़ियों को क्या संदेश देंगे, तो मेरा मानना निश्चित तौर से है कि अमृत महोत्सव में जिस प्रकार पंडित नेहरू को बिलकुल इग्नोर कर दिया गया और बाकी प्रधानमंत्रियों का भी, कोई दिखता ही नहीं है कि कहां पर क्या उनका कॉन्ट्रीब्यूशन बताए कोई, तो आप क्या खाली इवेंट कर रहे हो, क्या कर रहे हो? एक मौका था देश के अंदर पूरी 135 करोड़ जनता को अपने देश पर गर्व करे कि हमारे देश की आजादी की जंग को लड़ने के लिए कितने लोग ज्ञात तो हैं ही हैं, अज्ञात कितने लोग थे मारे गए वो अज्ञात लोग जिनको हम जानते ही नहीं हैं, कितनी बड़ी फ्रीडम मूवमेंट लड़ी गई, क्या उनको याद करने का एक अवसर था जो खो दिया इस बीजेपी और एनडीए गवर्नमेंट ने, वो खाली इवेंट बड़े-बड़े कर रही है, छोटे-बड़े करती है, पर जो एक्चुअल में 75 साल की उपलब्धियां हमारी हैं, एक सुईं नहीं बनती थी यहां पर, आज क्या नहीं बनता है यहां पर? सबकुछ हो रहा है, तो पूरा गर्व होता है देशवासियों को और गर्व के आधार पर जब आपमें कॉन्फिडेंस पैदा होता है मानव संसाधन बनता है नई पीढ़ी का, वो देश के काम आता है, तो मेरा मानना है कि आज का दिन तो हम सबके लिए ये ही है, पंडित नेहरू का जो विजन था, जो सोच थी, लोकतंत्र, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता उनमें कूट-कूटकर भरी हुई थी, उसका नई पीढ़ी को हम लोग संदेश दें, आत्मसात करें और देश के लिए अपने आपको समर्पित करें, प्रतिबद्ध करें और देश सेवा के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए हम तैयार रहें, ये हमारी सोच होनी चाहिए।

सवाल- आपने कहा कि इतिहास को जिस तरह से अभी तोड़-फोड़ की जा रही है आने वाले दिनों में खुद मोदी जी ये चीज झेलेंगे अगर यही...?
जवाब- वो तो होता ही है, अगर आप इतिहास को तोड़ोगे, मरोड़ोगे, तो आप कैसे इतिहास बनाओगे खुद? आने वाली पीढ़ियां आपको कैसे याद रखेंगी? वो भी फिर आपसे ही सीखेंगी, आज जो आप सिखा रहे हो उनको, कल वो सीखेंगी, तो ये उचित नहीं है देश के लिए, उचित नहीं है देश के लिए उचित नहीं है, कोई व्यक्ति विशेष के लिए अस्थाई रूप से उचित हो सकता है, पर देश के लिए उचित नहीं है।

सवाल- अहमदाबाद-उदयपुर रेलवे लाइन पर जिस प्रकार की घटना हुई, आपने भी कल..?
जवाब- वो जांच कर रहे हैं, एनआईए वालों को बुला लिया है हम लोगों ने, वो भी देख रहे हैं कि किस एंगल से क्या घटना हुई, क्यों हुई, पीछे क्या कारण था, एफएसएल वाले भी चले गए, तो उसको बहुत ही गंभीरता से ले रही है सरकार।

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