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Talked to media in Delhi

दिनांक
13/04/2019
स्थान
Delhi


मोदी जी के जुमले 5 साल तक लोगों ने सुन लिए पिछले चुनाव में एक बार इनके ऊपर विश्वास किया देश की जनता ने और इन को प्रधानमंत्री बना दिया वादे किए ब्लैक मनी लाएंगे, नौकरियां देंगे 2 करोड़ लोगों को, महंगाई कम कर देंगे पता नहीं क्या क्या-कहा उस समय। मैं कहना चाहूंगा उस वक्त में मोदी जी जो बोले थे पीएम बनने के पहले कैंपेन में अगर वह आप सुन लो, देशवासी सुन लें तो कांग्रेस को कैंपेन करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। जो मोदी जी बोल रहे हैं वह कोई सुनता तो आश्चर्य करता कि यह आदमी क्या बोलता था, आतंकवाद के बारे में पाकिस्तान के बारे में कोई कल्पना नहीं कर सकता और अब बिल्कुल यू-टर्न कर लिया ना तो ब्लैक मनी लाने की बात कर रहे हैं, विदेशों से 1 रुपया भी नहीं आया अभी तक, ना रोजगार की बात कर रहे हैं, ना नौकरियों की बात, ना नोटबंदी की बात कर रहे हैं। नोटबंदी को अपनी उपलब्धि बता रहे थे आज चुनाव कैम्पेन में नोटबंदी को क्यों नहीं वह मुद्दा बना रहे जीतने के लिए? जीएसटी को क्यों नहीं मुद्दा बना रहे हैं? रात को 12:00 बजे जैसे स्वतंत्रता मिल रही हो देश को, उस रूप में इन्होंने 12:00 बजे पूरी कैबिनेट बुलाकर के, सांसदों को बुला कर के फिर घोषणा की जीएसटी की, आज उसको मुद्दा क्यों नहीं बना रहे हैं?
चुनाव आते हैं तो इनको राम मंदिर याद आता है। पुलवामा में घटना हुई 44 लोग शहीद हुए, हमारे बहादुर आर्मी के, एयरफोर्स के जवानों ने एयर स्ट्राइक करी पूरे देश को गर्व है उसके ऊपर, पर जो सरकार की लापरवाही रही उनको प्रोटेक्शन नहीं दिया गया पूरे काफिले को और जो शहीद हुए, उसका जिम्मेदार कौन होगा? उस पर ध्यान डाइवर्ट करने के लिए, यह टोटली सरकार की फेलियर थी। कि कोई उनको पहले आगाह कर दिया था कि कोई भी अटैक हो सकता है, बाद में भी अलर्ट करने के बाद में भी लापरवाही बरती गई। बदनामी सरकार के ऊपर नहीं आए इसलिए डायवर्ट करने के लिए पूरा केम्पेन बदल दिया इन्होंने अपना। राष्ट्रवाद, हिंदुत्व, ध्रुवीकरण करके दूसरी बार चुनाव जीतना चाहते हैं अब जनता समझ चुकी है इनकी चालों को। ना अच्छे दिन आए हैं और जनता को लगता है इनके रहते हुए ना अच्छे दिन आने वाले हैं, इनका बदलना सुनिश्चित है चुनाव के अंदर चाहे कितनी भी बड़ी बड़ी बातें करें, अंडर करंट चलेगा इनके खिलाफ में। अभी जो चुनाव हुए हैं उनमें ही मैसेज मिलने लगे हैं इनको, यह बौखलाए हुए हैं। टारगेट कर रहे हैं राहुल गांधी को, उनके परिवार को, कांग्रेस मुक्त भारत बना देंगे यह तमाम इन के जुमले साबित हुए है और कांग्रेस मुक्त भारत की बात कहने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे यह मैं कह सकता हूं।

सवाल: राजस्थान में कैंपेनिंग कैसे चल रही है?
जवाब: बहुत शानदार चल रही है, हमारी रोज मीटिंगे हो रही है और शानदार पब्लिक का रिस्पॉन्स है वहां पर। हम लोग मिशन 25 लेकर चल रहे हैं और हमें उम्मीद है कि जनता हमारे साथ खड़ी है और हम उसमें कामयाब होंगे।

सवाल: राहुल जी की कैंपेनिंग राजस्थान में कब से शुरू होगी?
जवाब: राहुल जी पहले भी दो-तीन बार आकर गए हैं, अभी आने वाले हैं 5- 10 दिन में। सप्ताह, 10 दिन में राहुल जी का एक दौरा और बन सकता है।

सवाल: आज दिल्ली में कोई बैठक जो आप आए हैं?
जवाब: दिल्ली में जो माहौल बनाया मोदी जी ने, दिल्ली राजधानी देश की है इसलिए दिल्ली में आते हैं तो एक प्रकार से अपडेट हो जाते हैं कि देशवासी क्या सोचते हैं, पीएमओ क्या सोचता है? मोदी जी का क्या संदेश है और जिस रूप में दिल्ली तड़प रही है, यहां पर जो हालात हैं, अन्याय अत्याचार कर रहे हैं, पीएमओ के इशारे पर छापे पड़ रहे हैं और तो और दुख इस बात का होता है सीबीआई को तो छापा डालते हुए देखा है पुलिस वालों पर, रात को 2:00 बजे सीबीआई के हेड क्वार्टर पर छापा डलवा दिया पुलिस का, यह पीएमओ ही कर सकता है। मोदी जी के रहते हुए,अमित शाह जी के रहते हुए यह संभव है। 70 साल के इतिहास में ऐसी घटना कभी नहीं हुई। आज सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी सबको लगा दिया है चुनाव जीतने के लिए। अब सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी इनको चुनाव कैसे जिताएगी? मुझे लगता नहीं कि यह संस्थाओं को कमजोर कर के खुद को मजबूत कर रहे हैं, ज्यूडिशियरी हो, आरबीआई हो सब संस्थानों को कमजोर कर दिया है, पर यह कमजोर किस लिए कर रहे हैं यह उनको खुद को भुगतना पड़ेगा, इनके नतीजे भुगतने पड़ेंगे।

सवाल: सर दिल्ली आते हो तो पीएमओ ही देखते हो, या दिल्ली सचिवालय?
जवाब: यह तो आप स्थानीय लोगों को काम है हम तो बाहर से आते हैं तो देश में क्या हो रहा है, वह मैसेज दिल्ली से जाता है, इसलिए दिल्ली आना तो आवश्यक होता है।

सवाल: बीजेपी के नेता है उनके हेट स्पीच पर क्या कहेंगे, योगी आदित्यनाथ का बयान आता है अली बजरंगबली, मेनका गांधी कहती है कि मुझे मुसलमान वोट नहीं करते तो मैं उनको नौकरी क्यों दूं, ऐसे बयान को किस तरह देखते हैं?
जवाब: यह अभी तो कुछ नहीं है चुनाव पूरा होने दो तब तो पता नहीं यह क्या क्या बोलेंगे, क्योंकि यह बौखला गए हैं इनको अपनी हार सुनिश्चित लग रही है, पब्लिक रेस्पॉन्स से मालूम पड़ जाता है पहले मोदी-मोदी-मोदी बोलते थे, वह मोदी-मोदी बोलने का माहौल कहां है? उस वक्त भी वोट ज्यादा नहीं पड़े इनके, देशवासी अगर देखेंगे तो मालूम पड़ेगा 100 में से 31 वोट ले गए मोदी जी 2014 के अंदर भी उनको घमंड अहम नहीं करना चाहिए इतना, देश की जनता उस वक्त भी उनके साथ नहीं थी चुनाव जीतना और बात होती है और जनता का क्या मानस है क्या उनका मैंडेट है वह अलग बात होती है। 100 में से 31 वोट पड़े थे मोदी जी को, और 69 वोट पड़े थे इनके खिलाफ में तभी सरकार इन्होंने चलाई है तो यह घमंड नहीं करते, अहम नहीं रखते, विपक्ष को साथ में लेकर तो मैं समझता हूं तो ज्यादा बेहतर होता इनके खुद के हित में।

धन्यवाद।

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