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नव वर्ष की पूर्व संध्या पर रैन बसेरों में पहुंचकर कम्बल एवं स्वेटर वितरण

दिनांक
31/12/2020
स्थान
जयपुर


नए साल की पूरे प्रदेशवासियों को पुनः बहुत-बहुत बधाई, शुभकामनाएं। नया वर्ष सभी प्रदेशवासियों के लिए बहुत ही समृद्धिशाली और सुखदायी हो, ये मेरी कामना है और जो 2020 का वर्ष निकला है, ये वर्ष, ऐसा ईश्वर किसी को नहीं दिखाए, किसी मानव को नहीं दिखाए, किसी प्राणी को नहीं दिखाए क्योंकि बहुत ही बुरा बीता था, कोरोना भी आ गया और कई तरह की हिंसा भी हुई और माहौल खराब हुआ पूरे देश का। किसान बैठे हुए हैं वहां देख रहे हो पूरी ठंड के अंदर, तो हालात बड़े गंभीर हैं पूरे देश के अंदर। ये वर्ष जा रहा है आज, कल से नया वर्ष लग रहा है, इसलिए मैंने बहुत शुभकामनाएं दी हैं और वैसे में प्रतिवर्ष आता हूं यहां पर जो हमारे ये दूरदराज से लोग आते हैं प्रदेश से भी, प्रदेश से बाहर के भी आते हैं और रैन बसेरे अच्छे ढंग से चलते हैं जयपुर के अंदर भी और राजस्थान के अंदर भी। ये हमारी बहुत अच्छी परंपरा है, नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद और सरकार की तरफ से भी, पूरा प्रोत्साहन दिया जाता है जो भी रैन बसेरे में लोग रहते हैं उनके लिए पूरे इंतजाम किए जाते हैं। यथासंभव कोशिश करते हैं कि इनको आराम मिले और इसीलिए मैं आज आया हूं, बहुत मेरी शुभकामनाएं हैं, आप लोगों को भी मेरी शुभकामनाएं हैं और कोरोना का प्रोटोकॉल सब ध्यान रखें, ये मेरी शुभकामनाएं हैं।

सवाल- किसान भी परेशान हो रहे हैं काफी, 2021 में ऐसा नहीं हो कम से कम?
जवाब- यही मैंने कहा है कि नए वर्ष में, अब 4 तारीख को मीटिंग है सरकार के साथ में, सभी उम्मीद कर रहे थे कल के लिए, कल जो मीटिंग थी, मुझे उम्मीद थी कि कोई न कोई हल निकल जाएगा, जिससे कि नया वर्ष शुरु होगा तो सरकार के लिए भी और किसानों के लिए भी, देशवासियों के लिए भी शुभ होगा। दुर्भाग्य से कल वो फैसला नहीं हो पाया और लोगों को तकलीफ हो रही है। ऐसी ठंड के अंदर कैसे लोग बैठे होंगे, अपन एहसास कर सकते हैं। मैं समझता हूं कि 4 तारीख को उम्मीद करते हैं कि सरकार में बैठे हुए जो लोग किसानों के जो जज़्बात हैं, जो भावना है, जो जज़्बा है, जो मांगें हैं, वो पूरी होनी चाहिए। हमने भी यहां कानून पास किए, अभी तक उनका फैसला भी नहीं हो पा रहा है। अगर डायलॉग सरकार रखती किसानों से भी, पार्लियामेंट के अंदर भी अच्छी बहस होती, तो मेरे ख्याल से ये नौबत ही नहीं आती। नौबत इसीलिए आई है कि कोई समझ नहीं पा रहा है कि क्यों अचानक ये बिल लाए गए, क्यों एक्ट बनाया गया और क्यों इस तरह के फैसले हुए, लोगों के समझ के बाहर है। मैं उम्मीद करता हूं कि 4 तारीख को कोई फैसला होगा। कोरोना ने हमें बहुत तंग किया है, अब जाकर उम्मीद करते हैं कि कोरोना की जंग हम जीतेंगे और प्रदेशवासियों ने जो हिेम्मत दिखाई है, हौसला दिखाया है उसके लिए मैं उनको धन्यवाद देना चाहूंगा कि वो पूरी सरकार के साथ में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, लॉकडाउन के अंदर भी किसी को भूखा नहीं सोने दिया राजस्थान के अंदर। मैंने कहा कि कोई भूखा नहीं सोएगा, वो ही स्थिति जनता ने खुद ने बना दी। सामाजिक संस्थाओं ने, धर्मगुरुओं ने, राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने किसी ने कोई कमी नहीं रखी, इस बात का मुझे संतोष है। तो मैं उम्मीद करता हूं कि अब तो जंग जीतने की तरफ हम आगे बढ़ रहे हैं, वैक्सीन भी आ रही है, उम्मीद करते हैं कि तमाम लोग उसमें सहयोग करेंगे, ढंग से वैक्सीन लगेगी और पूरी तरह प्रदेश कोरोना मुक्त हो जाएगा, मुझे उम्मीद है, धन्यवाद।

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