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किसानों के समर्थन में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन: 'किसान बचाओ देश बचाओ' (3 जनवरी 2021)

दिनांक
03/01/2021
स्थान
जयपुर


मुझे खुशी है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में आज ये धरना आयोजित किया गया है। धरने का उद्देश्य क्या है ये आप सबके ज़ेहन में है, किस प्रकार 39 दिन हो गए, इस ठंड के अंदर जो हमारे किसान भाई बैठे हुए हैं बॉर्डर पर, 39 दिन में 40 मौतें हो चुकी हैं। आप सोच सकते हैं क्या बीत रही होगी उनके ऊपर, उनके परिवार पर, उनके बेटे-पोते कई तो सेना में होंगे जो बॉर्डर पर होंगे, और ये संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, बार-बार सरकार बुलाती है बात करती है टाइम पास करती है, इनको लगता है कि किसान थक जाएंगे और ये इश्यू खत्म हो जाएगा। सवाल है पूरे देश के किसानों की तकदीर का फैसला करने का, उनको गलतफहमी है कि खाली पंजाब और हरियाणा के किसान हैं वो। उनके साथ में एकजुटता प्रकट करने के लिए देश के साढ़े 6 लाख गावों में लोग बैठे हुए हैं। राजस्थान के 42 हजार गांवों में लोग बैठे हुए हैं जो इनकी भावनाओं के साथ में हैं और वक्त आएगा तो मैं समझता हूं कि मोदी जी की और अमित शाह जी की गलतफहमी निकल जाएगी। अगर किसान चल पड़ा तमिलनाडु से भी और आंध्र से भी, महाराष्ट्र से भी और राजस्थान से भी, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। किसान बहुत समझदार है, 39 दिन के बावजूद भी शांति-सद्भाव-भाईचारे के साथ में आन्दोलन कर रहा है, लंगर लग रहे हैं वहीं पर, सब व्यवस्था वहीं हो रही है, गांव बस गए हैं, पर कोई तरह का आक्रोश नहीं, तनाव नहीं, इससे बड़ा संदेश क्या दे सकता है किसान इस सरकार को जो नाकारा है, निकम्मी है, संवेदनहीन है, जो फासिस्टी लोग हैं, हम सब बार-बार कहते हैं कि इनका लोकतंत्र में यकीन नहीं है और इसीलिए एक झटके में नोटबंदी कर दी। रात को 8 बजे प्रधानमंत्री जी बोलते हैं, भाइयों और बहनों 4 घंटे के बाद में आपके 500 के और 1000 के नोट रद्द हो जाएंगे, ऐसे फैसले होते हैं? कितनी लाइनें लगीं बैंकों के सामने, 135 लोग मारे गए, कोई पूछने वाला नहीं है उनको। जीएसटी लाए रात को 12 बजे पार्लियामेंट के अंदर, तमाशा किया गया जैसे नई आजादी मिल रही हो और जीएसटी में आप देखो राज्यों को पैसा नहीं दे पा रहे हैं कि कोरोना आ गया। इनके हर फैसले बिना कोई सोच-समझ के बिना विपक्ष से बात किए, अभी ये मुद्दा सब पूर्व वक्ता कह रहे थे, अगर मोदी गवर्नमेंट बात कर लेती सब किसान नेताओं से, संसद में ढंग से बहस हो जाती, संसद में मांग थी विपक्ष कि इसको सलेक्ट कमेटी में भेज दो, उसमें तमाम पार्टी के लोग होते हैं, वो बैठकर बात कर लेंगे, देशवासियों से राय ले लेंगे, बाद में हम लोग इसको पास कर देंगे, तब क्या हो जाता उनका? पर जो अहम-घमंड जो है वो इस कदर है इन लोगों के अंदर, जो काम करते हैं 370 हटा दी हिंदू लोग खुश हो जाएंगे, ट्रिपल तलाक लेकर आ गए हिंदू खुश हो जाएंगे। इस देश को 70 साल, आजादी के पहले भी और बाद में भी, महात्मा गांधी की रहनुमाई में जिस प्रकार से पंडित नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद, अंबेडकर के वक्त में जो सिद्धांत, नीतियां, कार्यक्रम, कोई वोटों का राज लोकतंत्र, ये कोई मामूली बात नहीं थी। आज 70 साल के बाद में भी, इंदिरा गांधी की जान चली गई जिन्होंने बांग्लादेश आजाद करवा दिया, पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए, परंतु खालिस्तान नहीं बनने दिया, अपनी जान गंवाना कबूल कर लिया जो प्रधानमंत्री पद पर बैठी हुई थीं। राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनने वाले थे, जान चली गई, बम से उड़ा दिया गया उनको। सरदार बेअंत सिंह जी थे वहां पर पंजाब के मुख्यमंत्री, नेस्तेनाबूत कर दिया वहां पर आतंकवाद को, आतंकवादियों ने मुख्यमंत्री रहते हुए उनको उड़ा दिया बम से, पर देश एक रहा, अखंड रहा और ये लोग सत्ता में आते ही कहते हैं कि 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया? जिन लोगों का कोई वजूद नहीं, जो लोग आजादी की जंग में कहीं नजर नहीं आते थे, कई लोग तो अंग्रेजों के लिए मुखबिरी करते थे वो हमें पाठ सिखाते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया? 70 साल में बिजली थी आजादी के वक्त में? पानी की योजनाएं थीं, सड़कें थीं देश के अंदर, शिक्षा थी, स्वास्थ्य सेवाएं थीं, बड़े-बड़े बांध थे, कलकारखाने थे? क्या नहीं किया कांग्रेस ने? पंडित नेहरू की दूरदृष्टि थी, सब कुछ हुआ, पर चूंकि जब आप तानाशाह प्रवृत्ति की भावना रखते हो दिल के अंदर दिमाग के अंदर, तो फिर वही बात आती है कि जनता को जो हम कहेंगे ताली बजाओ ताली बजाए, थाली बजाओ थाली बजाए, दीया जलाओ दीया जलाएंगे क्योंकि हिंदू राष्ट्र की बात है। इस देश को हिंदू राष्ट्र की तरफ ले जाना चाहते हैं जो कि असंभव है, ये हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई उसकी बात करते हैं, जबकि हमारा मानना है कि जो गुलदस्ता होता है बगीचे के अंदर वो तभी सुंदर होता है जब अलग तरह के रंग होते हैं। देश की ताकत यही है हमारी, दुनिया लोहा मानती है। आज अगर मोदी जी का सम्मान इंग्लैंड में अमेरिका में फ्रांस में जर्मनी में जापान में हुआ तो इसलिए हुआ क्योंकि ये प्रधानमंत्री उस हिंदुस्तान के गुलदस्ते का प्रधानमंत्री है। इसलिए नहीं हुआ है कि आप हिंदू राष्ट्र की कल्पना करो और उसके लिए लोग सब आ जाएंगे, दुनिया के मुल्क तारीफ करेंगे आपकी। पर ये लोग बहुत फासिस्ट हैं। मैं आपको ईमानदारी से कहना चाहता हूं ये इस देश को बर्बाद कर देंगे। मैं कोई राजनीतिक बात नहीं कर रहा हूं, इस देश को बर्बाद कर रहे हैं, इस देश को बांटते हैं हिंदू-मुसलमानों के अंदर, आने वाले वक्त में क्या होगा पता नहीं, कोई नहीं कह सकता। अभी तो हिंदू और मुस्लिम में बंटा हुआ है देश और समाज, इसलिए मेरी बात कई लोगों को अच्छी भी नहीं लगेगी, पर आने वाली पीढ़ियों के हित में ये है कि उस गुलदस्ते को हम बनाकर चलें, आगे बढ़ाएं और इनकी नियत ही ठीक नहीं है। आप बताइए मुम्बई के अंदर महाराष्ट्र में चुनाव हुए, इनकी मेज्योरिटी नहीं आई, शिवसेना अलग हो गई। तोड़-फोड़ करके रात को कैबिनेट भी बना ली, राष्ट्रपति शासन समाप्त, सुबह 5 बजे बुलाया गया राष्ट्रपति को, उठाया गया नींद से, दस्तखत करवाए गए और 7 बजे सुबह शपथ हो गई मुख्यमंत्री की, सुबह 7 बजे, गुपचुप और प्रधानमंत्री जी ने सुबह साढ़े 7 बजे ट्वीट कर दिया, बधाई हो, महाराष्ट्र में सरकार बन गई बीजेपी की और वो हमारे साथी महाराष्ट्र के फडणवीस साहब, बधाई हो साहब सरकार बना ली आपने शपथ ले ली और फडणवीस साहब वापस जवाब दे रहे हैं 'मोदी है तो मुमकिन है', आप सोच लीजिए, 'मोदी है तो मुमकिन है'। सुबह साढ़े 6 सात बजे शपथ हो रही है, आप बताइए, कमाल हो गया, दुनिया में क्या सोचते होंगे लोग इस देश में सबकुछ संभव है। अमेरिका गए, हाउडी मोदी, ट्रंप का हाथ पकड़कर बेचारे को घुमा दिया चारों ओर, वो मेरे ख्याल से ज्यादा बुजुर्ग हैं इनसे भी, घुमा दिया पूरा, अगली सरकार ट्रंप सरकार और वहां की जनता ने धज्जियां उड़ा दीं वहां पर, ट्रंप साहब को घर भेज दिया और ऐसी धज्जियां अगर कभी हिंदुस्तान में उड़ जाएं मोदी जी की, आश्चर्य मत करना। पंगा लिया है इस बार किसानों से लिया है, इसमें राजनीति नहीं है, ये खालिस्तानी नहीं हैं, ये सांप्रदायिक नहीं है, इनको कोई भड़का नहीं रहा है, ये समझदार लोग हैं, उनको आप क्या-क्या कह रहे हो? ऐसी भाषा बोलकर आपने दंगे भड़का दिए दिल्ली के अंदर, कई लोग मारे गए बेचारे वहां पर भी।
तो मैं कहना चाहूंगा हालात बड़े गंभीर हैं, आप लोगों को सोचना पड़ेगा, ऐसे लोग आ गए हैं जिनका कब्जा ज्यूडीशियरी पर भी है, ज्यूडीशियरी पर प्रभाव डालते हैं ये लोग, कई-कई बार सक्सेस हो जाते हैं। इलेक्शन कमीशन पर प्रभाव डालते हैं ये लोग, सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी तो इनके जेब के अंदर है। इशारा करते हैं जाइए और छापे डालिए, सीधा फोन आता है गृह मंत्री और पीएमओ से, आप बताइए ये लोकतंत्र है? हर व्यक्ति आज बात करते हुए चमकता है, भई फेस टाइम पर बात करो, व्हाट्सएप पर बात करो, ये स्थिति क्यों बनी देश के अंदर? इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि ये आज जो आप बैठे हो धरने पर, ये धरना जो है किसानों को एक संदेश देने का है कि पूरा देश-पूरा प्रदेश, प्रदेश के तमाम कार्यकर्ता आपके साथ में एकजुट हैं, आपके संघर्ष में हम साथ हैं, जब आप आह्वान करोगे तो हम बॉर्डर पर भी आ जाएंगे, गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि कोई नहीं जाएगा, अभी हमने रोक रखा है। हमारी पार्टी की नीति है, पहले से ही वो लोग आरोप लगाते हैं कि राजनीतिक पार्टियां भड़का रही हैं, जबकि वो पूरी तरह किसानों का आन्दोलन है। पर हम एकजुटता दिखाने के लिए अभी डोटासरा जी ने कहा आपको, 7 दिन तक हमारे विधायक लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे, लगातार किसानों से वार्तालाप करेंगे और उनको बताएंगे उनको समझाएंगे, सरकार ने जो काम किए हैं वो भी बताएंगे।
तो मैं कहना चाहूंगा कि हालात बड़े गंभीर हैं, आज 86 पर्सेंट किसान जो हैं देश के अंदर उसके पास 5 एकड़ से कम जमीन है, आप सोच सकते हो और ऐवरेज तो 2 एकड़ ही है। हमने कहा कि उनकी 5 एकड़ तक की होगी जमीन कुर्क नहीं करेंगे, हमने बिल पास किया राजस्थान सरकार में, तीन बिल संशोधन किए केंद्र वाले, पता नहीं राज्यपाल महोदय पर क्या दबाव है, वो भेज नहीं रहे हैं केंद्र को और यही कारण था कि आन्दोलन शुरु हुए। अगर नरेंद्र मोदी जी बात सुन लेते सबकी बिल को पास करने से पहले, डायलॉग रखते विपक्ष से भी तो ये नौबत ही नहीं आती देश के अंदर और अभी भी यही हो रहा है। मैंने फोन किया राष्ट्रपति भवन में, 4 मुख्यमंत्री- पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पांडिचेरी, कांग्रेस के मुख्यमंत्री मिलना चाहते हैं। क्या दबाव है राष्ट्रपति जी पर, इतिहास में पहली बार हुआ होगा, राष्ट्रपति से कि कोई एक मुख्यमंत्री मिलना चाहे तो उसी वक्त टाइम मिलता है उसको। आप गए राष्ट्रपति भवन, एक कप चाय पिलाएंगे आपको, बात करेंगे, ज्ञापन लेंगे और करना ही क्या था आपको? पर नहीं, आज तक नहीं बुलाया गया। ये कम्युनिकेशन गैप जो है वो पैदा करवाया जा रहा है इस एनडीए सरकार द्वारा, इसलिए ये स्थिति बनी है।
मैं कहना चाहूंगा कि आज कम समय के नोटिस में इतनी बड़ी संख्या में आना, इस रूप में बैठना, ये संदेश है उनके लिए भी जो कहते हैं कि कांग्रेस है कहां? कांग्रेस है, यहां कांग्रेस दिख रही है। इस दिल्ली के मीडिया के चक्कर में नहीं आना अपने को, ये जो मेरे सामने मीडिया वाले ले रहे हैं हमारे शॉट्स ले रहे हैं, इनके चक्कर में नहीं आना है, ये तो दबाव में हैं मोदी जी के। इनका नाम पड़ गया है गोदी मीडिया, गोदी मीडिया की तरह ये एक्ट करते हैं, खबरें देते हैं क्योंकि मोदी जी की खुद सरकार में पूरी मॉनिटरिंग होती है कि कौनसा मीडिया क्या बता रहा है? इतने घबराए हुए हैं, हमारे यहां छापे नहीं पड़ जाएं। इनका कसूर नहीं है, ये बेकसूर लोग हैं बेचारे, बहुत ही दबाव में हैं, क्या कर सकते हैं? पर मैं आपको कहना चाहूंगा कि इसके चक्कर में नहीं आना अपने को, न्यूज सुनो और विश्लेषण करो कि वास्तव में सच्चाई क्या है? और हिंदुस्तान के लोग चाहे अनपढ़ हों, चाहे कम पढ़े-लिखे हों, अक्ल और होशियारी में उनका मुकाबला दुनिया का कोई मुल्क कर ही नहीं सकता। ऐसे पासा पलटते हैं पता ही नहीं लगता है, इंदिरा जी जैसी महान नेता हार गईं जिसने बांग्लादेश आजाद करवाया और ढाई साल में ऐसी आंधी चली वापस कि पूरे हिंदुस्तान में भारी बहुमत से वो वापस से प्रधानमंत्री बनीं, उस वक़्त मैं भी एमपी बना, 40-42 साल हो गए। अच्छे-अच्छे लोगों को इस जम्हूरियत के अंदर जनता ने सबक सिखा दिया बड़े-बड़े लोगों को भी। मोदी जी को बहुत घमंड है अहम है, उनको लगता है कि ये जो मैं ताली बजवा रहा हूं, थाली बजवा रहा हूं, बैंड बजवा रहा हूं, मैंने कहा कि देश की बैंड बजा देंगे ये लोग, इनसे बचकर रहना पड़ेगा हम लोगों को। इस देश को एक रखना है अखंड रखना है हम लोगों को, हमारे उन नेताओं ने जो जान दी, कुर्बान हुए, त्याग-बलिदान किए, ऐसे ही नहीं किए उन्होंने, हम गुलाम थे अंग्रेजों के ढाई सौ साल गुलाम थे, कल्पना करो आप लोग, अभी तो जिंदा हैं कई लोग तो उस जमाने के जो आजादी के वक्त में संघर्ष के साथी थे, फ्रीडम फाइटर बहुत कम बचे हैं। उनको मालूम है कि ये नहीं कि कोई 500 साल पहले की बात है, इतिहास की बात होगी, सही है या गलत है ऐसी बात नहीं थी। इसलिए मैं कहना चाहूंगा आपको कि आप बाकायदा दिमाग में रखें कि जिस रूप में राहुल गांधी ने शुरुआत की ट्रैक्टर रैली से पंजाब के अंदर, हरियाणा में गए, आन्दोलन शुरु हुआ और आज इस मुकाम पर पहुंच गए कि 39 दिन हो गए।
आपका आज का धरना जो है इतिहास बनाएगा और मैं फिर कहना चाहूंगा पूरे देश के अंदर गांवों में कांग्रेस मजबूत है अगर आज भी कोई राष्ट्रीय पार्टी है पूरे देश के अंदर तो वो कांग्रेस पार्टी की चौकियां- परिवार आपको हर गांव में मिलेंगे चाहे वो नॉर्थ-ईस्ट के इलाके हों असम हो, मिजोरम हो, नागालेंड हो, अरुणाचल प्रदेश हो, केरल हो, आंध्रप्रदेश हो कोई हो, सरकार है या नहीं है पर कांग्रेस वहां पर है। इनको पूछो कोई जानता है आप लोगों को वहां पर, खिलाड़ी बड़े हैं पैसे खर्च करते हैं। इतना पैसा इन्होंने इकट्ठा कर लिया है पूरे देश के अंदर कि ब्लॉक में और जिलों में 2-2 करोड़ रुपए की जमीनें खरीद रहे हैं, बिल्डिगें बना रहे हैं सब जगह एकसाथ में, इनको पूछो पैसा कहां से आया? इन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड बना दिया है, जो इंडस्ट्रियलिस्ट पैसा देगा किसी को नहीं मालूम पडेगा और किसी पार्टी को ये चंदा लेने नहीं दे रहे हैं, ये बहुत खतरनाक बातें हैं लोकतंत्र के अंदर जो चल रहा है अभी।
मैं कहना चाहता हूं, मैं आज निकला हूं 8 महीने के बाद में, मैं पहली बार आपके दर्शन कर रहा हूं, 8 महीने के बाद में जो बैठे हुए हैं यहां सारे क्योंकि मैं घर से ही बराबर लगातार कोरोना का मुकाबला कर रहा हूं आपके आशीर्वाद से और कोरोना अब तो बहुत नीचे आ गया है, अभी तो वैक्सीन भी आ रही है। कोरोना का मुकाबला करने के लिए कोई कमी नहीं रखी है सरकार ने और पब्लिक ने भी। पब्लिक ने भी इतना साथ दिया, कोई भूखा नहीं सोएगा, कोई भूखा नहीं सोया वास्तव में, खाना-पीना देना, पड़ोसियों को देना, बांटना आपस के अंदर कच्चा खाना-पक्का खाना, संस्थाओं ने, एक्टिविस्ट्स ने, धर्मगुरुओं ने, आम जनता ने कोई कमी रखी ही नहीं। लॉकडाउन लंबा चला था, कैसे भूल सकते हैं हम, तो हमने भी यहां पर, इधर रघु शर्मा जी बैठे होंगे यहाँ पर स्वास्थ्य मंत्री, कोई कमी नहीं रखी, आईसीयू के बैड बढ़ाना हो, वैंटिलेटर की व्यवस्था करनी हो, टैस्टिंग के लिए हम लोग जाते थे पुणे कोरोना टैस्ट के लिए, आज 60 हजार टैस्ट पर डे हम कर सकते हैं इतनी कैपिसिटी हमने पैदा कर ली है राजस्थान के अंदर, कोई कमी नहीं रखी है।
तो मैं कहना चाहूंगा कि कृपा करके क्योंकि अभी कंट्रीभर में माहौल बना दिया है कि कांग्रेस तो खत्म हो रही है, मोदी जी ने कहा हम कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे, वो ही कह सकता है जो खुद फासिस्टी हो, सोच फासिस्टी हो। अगर लोकतंत्र में विपक्ष नहीं होगा, तो आप क्या कर लोगे अकेले? लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत बड़ी होती है, हम सत्ता में भी रहे हैं, सत्ता से बाहर भी हैं हम लोग, हमारी अलग भूमिका है वो निभाएंगे हम लोग, पर अगर ऐसे लोग आकर बैठ जाएं सत्ता में जिनका विश्वास लोकतंत्र में नहीं हो तो फिर कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं देश के सामने आती हैं। और मिलते रहेंगे अब तो, कोरोना भी खत्म हो रहा है अब तो मीटिंगें भी शुरु करेंगे, जिलों के अंदर भी जाएंगे, गांवों में जाएंगे, आपसे मिलेंगे, मैं आपसे अपील करना चाहूंगा, गांव-गांव में जो अध्यक्ष जी ने आह्वान किया है, हमारे विधायक लोग 7 दिन तक, एक बार इंदिरा गांधी जी ने प्रोग्राम बनाया था, हम लोग भी गए थे 7 दिन तक लगातार, तो पूरे गांव-गांव में जाएंगे, बातचीत करेंगे, उनके सुख-दुःख में साथी बनेंगे और ये प्रोग्राम आज चल पड़ा है, 28 तारीख स्थापना दिवस से ही चल पड़ा है अध्यक्ष जी के नेतृत्व में, मैं समझता हूं कि राजस्थानभर के कांग्रेसजन एकजुट होकर इस काम को आगे बढ़ाएंगे और संदेश देंगे और आपसे मैं अपील करना चाहूंगा कि आपकी सरकार जो आपने बनाई है, कोई कमी नहीं रखेगी, आपकी दुआओं से आपके आशीर्वाद से, जो मेनिफेस्टो हमने बनाया है उसको आधार बनाकर हम काम कर रहे हैं। आधा मेनिफेस्टो पूरा हो चुका है, आगे और लगातार काम होते रहेंगे और आपके सुख-दुःख में हम हमेशा हम आपके साथ खड़े मिलेंगे, यही बात कहता हुआ मैं आप सबको मुबारकबाद देता हूं, बधाई देता हूं, जयहिंद, धन्यवाद।

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