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Talked to media in Shirdi, Maharashtra..

दिनांक
23/09/2022
स्थान
Shirdi, Maharashtra


सवाल- कमान जो है आपके कंधे पर जाने वाली है?
जवाब- देखिए यहां आए हैं तो दुआ क्या मांगेंगे, देशहित, प्राणी मात्र, मानव मात्र का कल्याण हो, सभी देशवासी सुख से, शांति से, प्रेम से, भाईचारे से, मोहब्बत से रहें, आपस में भेदभाव नहीं हो, हिंसा नहीं हो और राहुल गांधी जी भी यात्रा कर रहे हैं, उनका मकसद भी यही है और साथ में जो बेरोजगारी भी है, महंगाई भी है, वो भी बड़े कारण हैं, तो सब परेशानियों से जनता को छुटकारा मिले, यही तो प्रार्थना कर सकते हैं।

सवाल- नामांकन भरने का समय नजदीक आ रहा है, आपने साईं बाबा के दर्शन किए, आगे का सब मार्ग सफल हो?
जवाब- बाबा के दर्शन करके जा रहे हैं तो उसके बाद में सबसे बात करके सब तय कर लेंगे, दर्शन कर लिए, आशीर्वाद ले लिया, अब आगे का रास्ता खुल गया।

सवाल- कांग्रेस भारत जोड़ो यात्रा कर रही है लेकिन कांग्रेस के कई सारे नेता इस वक्त कांग्रेस तोड़ो कार्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं, जिस तरह से गोवा में कई सारे विधायक गए हैं, गुलाम नबी आजाद कांग्रेस से चले गए, ऐसे में बहुत बड़ी चुनौती होगी आपके सामने कि पार्टी को एकसाथ जोड़कर रखें?
जवाब- हम चाहते हैं कि चुनाव हो जाएं एक बार, चुनाव में जो भी लोग खड़े होंगे, इनर पार्टी डेमोक्रेसी है और चुनाव के बाद में भी हम सब मिलकर ही काम करेंगे, गांवों में, बूथ पर, ब्लॉक पर, जिले पर, प्रदेश पर और देश में कांग्रेस पहले मजबूत कैसे हो क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है, देश के अंदर 6 लाख गांव हैं, सब गांवों में आपको कहीं न कहीं कांग्रेस मिलेगी, एकमात्र पार्टी कांग्रेस पार्टी है जो पूरे देश के अंदर हर गांव में है। अब जरूरत इस बात की है कि डेमोक्रेसी में कई बार उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, अभी जो हालात बने हैं, उससे हम वाक़िफ हैं, पुनः हम दिल जीतेंगे लोगों का और हमें उम्मीद है कि दिल जीतकर देश के हित के अंदर कांग्रेस की जो पॉलिसीज, प्रोग्राम, प्रिंसिपल हैं, वो संविधान के अनुकूल हैं, ये संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं, आज डेमोक्रेसी खतरे में हो गई है, एजेंसियों का मिस यूज हो रहा है, ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई, ज्यूडीशियरी पर दबाव है, तो मैं चाहता हूं कि देश को इन सब बातों से छुटकारा मिले और पूरे देशवासी, सभी जाति, सभी धर्म, सभी वर्ग और सभी लैंग्वेज बोलने वाले लोग प्यार से रहें, भाईचारे से रहें और हिंसा का मुकाबला करें और मैं तो प्रधानमंत्री मोदी जी से बार-बार मांग करता हूं कि आपको चाहिए कि आपकी बात का वजन है क्योंकि आप देश के प्रधानमंत्री हैं, उनको चाहिए कि वो देश को अपील करें कि शांति, सद्भाव, प्यार से रहो आपस में, भाईचारे से रहो और मैं हिंसा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा, ये उनके मुंह से निकलना चाहिए क्योंकि आज देश में तनाव है, हर जिले में, हर गांव में तनाव आपस में जातियों के बीच में हो गया है, धर्म के बीच हो गया है, ये नहीं होना चाहिए, ये हमारा आग्रह है।

सवाल- आप नामांकन कब भरने वाले हैं अध्यक्ष के पद का?
जवाब- अभी मैंने बाबा का आशीर्वाद लिया है, जाऊंगा, सब नेताओं से बात करेंगे, तब करेंगे।

सवाल- आप मुख्यमंत्री और अध्यक्ष पद दोनों पदों पर बने रहेंगे?
जवाब- ये बात ]अनावश्यक बहस छिड़ पड़ी है मीडिया के द्वारा, मीडिया द्वारा, पहले आ रहा था कि मैं मुख्यमंत्री पद छोड़ना नहीं चाहता हूं, जब तक ये तय नहीं हो कि मुझे कांग्रेस प्रेसिडेंट के लिए खड़ा होना है, तब तक कोई क्या बोलेगा? तो मैं मेरे साइलेंट रहा, मीडिया चलाता रहा कि भई ये मुख्यमंत्री पद से जाना नहीं चाहते हैं, यहीं रहना चाहते हैं, ये मैंने जरूर कहा, आज भी मैं कहता हूं, अभी भी मैं कहता हूं और फॉर्म भरने के बाद भी कहू्ंगा कि मैं कहीं रहूं, किसी भी पद पर, पर राजस्थान जहां से मैं बिलॉन्ग करता हूं, जिस गांव में मैं पैदा हुआ हूं, वहां की सेवा मैं जिंदगीभर करता जाऊंगा और अंतिम सांस तक करता रहूंगा, ये कहने में क्या हर्ज है, उसका लोग अलग-अलग मीनिंग निकाल लेते हैं, मीडिया वाले उसको कई बार अपने हिसाब से इंटरप्रेट भी कर लेते हैं।

सवाल- आपको मुश्किल क्या लग रही है कि आप नहीं होओगे, आप बोल रहे हैं कि अभी तय नहीं हुआ है, मुश्किल क्या लग रही है ?
जवाब- डेट तय नहीं है, डेट तय करेंगे जाकर, बाकी तो कोई मुश्किल नहीं है, खड़ा होना है तो होना है, पार्टी की सेवा करनी है तो करनी है। पार्टी ने मुझे पिछले 40 साल से 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार एआईसीसी का महामंत्री, 3 बार पीसीसी प्रेसिडेंट और 3 बार मुख्यमंत्री बनाया है, तो मेरे लिए तो जिंदगी में सबकुछ मुझे सम्मान भी मिला है, जिम्मेदारी भी मिली है, अब सोनिया गांधी जी और कांग्रेस हाईकमान मुझे कुछ कहेगी कुछ भी, वो मुझे करना ही है, करना ही चाहिए और इसीलिए मैंने ये भी कहा कि अब मेरे लिए पद महत्व नहीं रखता है, अगर मेरा बस चले तो मैं कोई पद पर रहूं ही नहीं और राहुल गांधी के साथ में यात्रा पर निकल जाऊं, आह्वान करूं पब्लिक को कि आप आइए, आप लोग मीटिंग में आइए और देश के हालात समझिए कि देश में क्या हो रहा है, क्या नहीं हो रहा है और हम लोग वो मैसेज दें पब्लिक को, वो वक्त आ गया है हमारे लिए, फिर क्योंकि अभी हालात ऐसे हैं पार्टी के हैं कि अगर मैं कहूं कि नहीं, मैं जा रहा हूं छोड़कर तो लोग कहेंगे कि साहब क्योंकि पार्टी की स्थिति ठीक नहीं है इसलिए आप छोड़कर जा रहे हो, इसलिए मैंने कहा कि मेरा बस चले तो, ये मैंने कहा।

सवाल- एक इतिहास की बात करें तो जब-जब कांग्रेस अध्यक्ष पद की बात आई है, गांधी परिवार के अलावा जब-जब नाम किसी का आता है, अगर 1997 की बात करें तो केशव सीताराम और शरद पवार ने भी चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन सोनिया गांधी ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया, अब 24 साल बाद 2022 में हम खड़े हैं, सवाल ये उठता है कि क्या कांग्रेस में गांधी परिवार के बाद कोई ऐसा काबिल व्यक्ति नहीं है जो कांग्रेस का नेतृत्व कर सके?
जवाब- देखिए सोनिया जी ने किसी को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया, रास्ता कोई दिखाता नहीं है, स्थिति ऐसी बन जाती है कई बार कि कितने लोग पार्टी में आते हैं, कई लोग चले जाते हैं, पार्टी एक वटवृक्ष की तरह है, 135 साल पुरानी पार्टी है, जिसका त्याग, जिसका बलिदान, जिसकी कुर्बानी देश नहीं दुनिया जानती है, आजादी के पहले भी, आजादी के बाद में भी, इंदिरा गांधी जी शहीद हो गईं, राजीव गांधी जी शहीद हो गए, सरदार बेअंत सिंह जी शहीद हो गए मुख्यमंत्री रहते हुए, ज्ञात-अज्ञात कितने लोग शहीद हुए, पर देश को एक रखा, अखंड रखा, ये हमारा शानदार इतिहास है देश का, उसी को हम आगे बढ़ाना चाहेंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे।

सवाल- आपने राहुल गांधी से बात की है, वो चुनाव लड़ने वाले हैं या आप?
जवाब- या, बात की है, उन्होंने कहा कि भई मैं पहले कह चुका हूं कि गांधी परिवार का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ेगा, ये मैं पहले कह चुका हूं, मैं अपनी बात पर अडिग हूं, मैं गया ही इसलिए था, यात्रा में मैंने भाग भी लिया और साथ में मैंने रिक्वेस्ट भी की कि जब तमाम प्रदेश कांग्रेस कमेटियां प्रस्ताव पास कर रही हैं आपके लिए, तो आपको उनकी भावनाओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि नहीं मैं उन सबकी भावनाओं का सम्मान करता हूं जिन्होंने प्रस्ताव पास किए उनकी, बाकी जो आप लोग जो भी मुझे कह रहे हैं मैं सबकी भावनाओं का सम्मान करता हूं, पर मैंने एक बार निर्णय किया, मैं उस निर्णय पर अडिग रहना चाहता हूं।

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