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पूर्व उपराष्ट्रपति स्व श्री भैरोंसिंह शेखावत की स्मृति में हुई व्याख्यान माला

दिनांक
15/05/2017
स्थान
जयपुर


स्वर्गीय श्री भैंरोंसिंह जी शेखावत की सातवीं पुण्यतिथि के अवसर पर मैं उनको श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।

आज आयोजित भैरोंसिंह शेखावत स्मृति व्याख्यान तथा जनसेवा हेतु ‘प्रथम भैरोंसिंह शेखावत लाईफ टाईम अचीवमेन्ट ऑनर‘ प्रदान करने हेतु गुलाबी नगरी जयपुर पधारे देश के राष्ट्रपति परम श्रद्धेय श्री प्रणब मुखर्जी का मैं हृदय से हार्दिक स्वागत और अभिनन्दन करता हूॅं। मंच पर बैठे सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री पवन कुमार चामलिंग जी, पंजाब के राज्यपाल श्री वी.पी. सिंह बदनौर जी, राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी तथा मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी का भी अभिनन्दन करता हूँ।

स्वर्गीय भैंरोंसिंह जी को भारतीय राजनीति में नेक, निर्भिक एवं परिपक्व नेता के रूप में जाना जाता था। साधारण पारिवारिक जीवन से असाधारण स्थिति को प्राप्त करना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धी रही। आजादी के बाद जब लोकतंत्र की स्थापना हुई तब आम आदमी के लिए उन्नति के रास्ते खुले। भैंरोंसिंह जी 1952 में जब राजस्थान में विधानसभा का गठन हुआ तब पहले आम चुनाव से लेकर जीवन पर्यन्त राजनीति और लोकसेवा से जुडे़ रहे। उन्होंने कभी भी पीछेे मुड़कर नहीं देखा। राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री और भारत के उप राष्ट्रपति पद तक पहुंचना और अपनी छाप छोड़ना उनके व्यक्तित्व और कृतित्व की विलक्षणता थी।

राज्यसभा के सभापति के रूप में भैंरोंसिंह जी ने पक्ष और विपक्ष के मध्य समन्वय रखकर जिस अन्दाज से राज्यसभा का संचालन किया और विधायी कार्यों को नियत समय पर पूरा करवाने में कामयाबी हासिल की, वह अपने आप में बेमिसाल है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय नेताओं से सराहना भी मिली।

भैंरोंसिंह जी शेखावत चाहे पक्ष में रहे हों या विपक्ष में उनके अन्य दलों के नेतृत्व से सदैव आत्मीय सम्बन्ध रहे। केन्द्रीय सरकार के साथ परस्पर समझ के गहरे रिश्ते कायम करना उनकी बड़ी खूबी थी। वे अपने इन व्यक्तिगत सम्बन्धों के कारण राज्य के हित को साधने में कामयाब रहते थे। भैरोसिंह जी संसदीय एवं विधायी कार्यों में पारंगत थे।

मुख्यमंत्री के रूप में स्वर्गीय श्री भैंरोंसिंह जी शेखावत राज के खजाने पर पहला हक गरीब का मानते थे। गरीब को गणेश मानकर ही उन्होंने प्रदेश में ‘अन्त्योदय योजना‘ की शुरूआत की थी, जिसे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खूब सराहना मिली। बाद में इस योजना को अन्य प्रदेशों में भी लागू किया गया।

मुख्यमंत्री के रूप में उनके द्वारा लागू की गयी ‘काम के बदले अनाज योजना‘ ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर मानी जाती है। वर्ष 1998 से 2003 के बीच इसी योजना को आधार बनाकर 4 साल से लगातार पड रहे सूखे से निपटने में मेरे मुख्यमंत्री काल में सरकार ने कामयाबी का रिकॉर्ड बनाया।

शेखावत साहब द्वारा लागू की गई योजनाओं और कार्यक्रमों का केन्द्र बिन्दू सदैव गांव, गरीब और किसान रहा। वे कहा करते थे कि ‘मैं बहुत गरीब परिवार से था इसलिए मेरे मन में कसक थी कि जब तक मैं गांव का, गरीब और किसान का हित नहीं करूंगा तब तक राजनीति में मेरे आने का कोई महत्व नहीं है‘। इसी दृष्टिकोण के साथ वे जीवन पर्यन्त लोकसेवा से जुडे रहे।

उनकी सबसे बड़ी विलक्षणता यह भी थी कि वे अपने व्यक्तित्व में पक्ष-विपक्ष को समाहित किये रहते थे। अपने राजनीतिक जीवन के दौरान वे भ्रष्टाचार के सदैव विरूद्ध रहे और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये सदैव प्रयत्नशील रहे।

मुझे यह कहते हुए गर्व है कि राजस्थान की राजनीति में हमारी अग्रज पीढ़ी के नेताओं ने परस्पर राजनैतिक मतभेद होने के बावजूद भी व्यक्तिगत स्तर पर सदैव आदर, स्नेह से परिपूर्ण प्रगाढ रिश्तों को बनाये रखा। परन्तु जो आज केन्द्र में व राज्यों में देखने को नहीं है। भैंरोंसिंह जी जब उपराष्ट्रपति बनकर पहली बार जयपुर आये, तब मैंने मुख्यमंत्री निवास पर उनके सम्मान में ऐतिहासिक स्वागत-सत्कार समारोह आयोजित किया, क्योंकि उनके उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होने से राजस्थान का गौरव बढ़ा था।

यह खुशी की बात है कि भारत के राष्ट्रपति श्री मुखर्जी साहब के कर कमलों से जनसेवा के लिए प्रथम ‘भैंरोंसिंह शेखावत लाईफ टाईम अचीवमेन्ट ऑनर‘ सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री चामलिंग साहब को प्रदान किया जा रहा है। मैं इस मुबारक मौके पर श्री चामलिंग साहब को हार्दिक बधाई देता हूं और कामना करता हूं कि वे जनसेवा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर निरन्तर क्रियाशील बने रहें।

मैं एक बार पुनः भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी साहब एवं मंच पर विराजमान सभी अतिथियों का हृदय से स्वागत करता हूं साथ ही श्रीमती रतन कंवर, विधायक श्री नरपत सिंह राजवी तथा श्री अभिमन्यू सिंह राजवी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने आज के इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुझे याद किया और अपनी बात कहने का अवसर दिया।
धन्यवाद। जयहिन्द।



आज यहां जयपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति स्व श्री भैरोंसिंह शेखावत की स्मृति में हुई व्याख्यान माला में शामिल हुए... कार्यक्रम में सिक्किम के मुख्यमंत्री श्री पवन कुमार चामलिंग को माननीय राष्ट्रपति महोदय से 'भैरों सिंह शेखावत लाइफ टाइम अचीवमेंट आॅनर' प्राप्त होने पर हार्दिक बधाई।

during first 'bhairon singh shekhawat memorial lecture' delivered by hon'ble president of india sh. #pranabmukherjee. congratulations to cm of sikkim sh. pk chamling for receiving first bhairon singh shekhawat lifetime achievement award.

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