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Press Conference at Residence..

दिनांक
13/05/2019
स्थान
जयपुर


जिस प्रकार के हालात चल रहे हैं देश के अंदर उससे पूरा मुल्क चिंतित है, मोदी जी के शासन में आजादी के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि आम आदमी को लगने लग गया है लोकतंत्र खतरे में है और संविधान भी खतरे में है। सारी संस्थाओं की धज्जियां उड़ा रखी हैं सब दबाव में काम कर रहे हैं, चाहे ज्यूडिशियरी हो, इलेक्शन कमिशन हो, सीबीआई हो, इनकम टैक्स हो या ED हो। जो संस्थाएं 70 साल में बनी है और जिन की प्रतिष्ठा पूरे विश्व में है उनके बारे में ऐसी धारणा बनना यह बहुत ही अनफॉर्च्यूनेट है और तो और नोटबंदी के हिसाब जो है आरबीआई को 2 साल लग गए पार्लियामेंट के अंदर और ना पार्लियामेंट के बाहर हिसाब देने में, जबकि बैंकों के हिसाब शाम तक पूरे हो जाते हैं। इन हालातों में यह देश चल रहा है और मोदी जी व उनकी टीम मोदी जी और अमित शाह जी दो, वह मिलकर के जिस रुप में माहौल बनाए हुए हैं कि दो लोग ही शासन करते है और सारी संस्थाओं वाले पीएमओ से गाइड होते हैं, पीएमओ से दबाव आते हैं और दबाव के अंदर तमाम संस्थाओं को काम करना पड़ रहा है और यह लोग चुनाव जीतने के लिए ऐन केन प्रकारेण साम दाम दंड भेद कुछ भी करना पड़े चुनाव कैसे जीते। प्रचार एकतरफा हो रहा है जो सरकारी मीडिया है दूरदर्शन और रेडियो वह भी प्रचार एक तरफा कर रहे हैं और तो और नमो टीवी सुप्रीम कोर्ट ने जो उनको एडवाइज की उसके बावजूद भी वह किसी की परवाह नहीं कर रहे हैं, एक तरफा नमो टीवी चल रहा है इलेक्शन कमीशन भी कुछ नहीं कर पा रहा है तो आज तमाम अपोजिशन पार्टियां इस बात को लेकर एक जुट है की इलेक्शन कमिशन खुद भी निष्पक्ष नहीं रहेगा तो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है कि निष्पक्ष चुनाव होंगे?
मोदी जी को देख रहा हूं लगातार जब से मैं गुजरात का इंचार्ज बना, गुजरात में उन्होंने दो बार मुझ पर अटैक किए और गुजरात के किसानों को आह्वान किया कि यहां जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है जो यहां पर प्रभारी बनकर आए हैं यह गुजरात के किसानों को बर्बाद करने में लगे हुए रहे, इन्होंने राजस्थान से पानी आना था हमारे हिस्से का उसको नहीं आने दिया रोक दिया पानी, यह उन्होंने इश्यू बनाया था वहां पर किसानों के लिए और उनको भड़काने का काम किया। तो जब मैंने राजस्थान के हितों की रक्षा करी उस वक्त में इसलिए मुझे गुजरात में उनके आरोप सुनने पड़े तो उनको क्या अधिकार था यहां राजस्थान में आकर कैम्पेन करने का? राजस्थान के अधिकारों की रक्षा मैंने करी तो वही व्यक्ति, वही प्रधानमंत्री यहां आकर के कैम्पेन कर रहा है और जनता को आह्वान कर रहा है सपोर्ट मांगने की उनको नैतिक अधिकार है ही नहीं।
अब मोदी जी जहां जा रहे हैं चाहे मध्य प्रदेश जा रहे हैं उदयपुर,जोधपुर में, उत्तर प्रदेश में जहां जा रहे हैं वहां कोई न कोई बात को लेकर के राजस्थान के मुख्यमंत्री को टारगेट करते हैं और तो और जो घटना अभी हुई अलवर के अंदर थानागाजी की उसको लेकर भी उनके पास में कोई जानकारी नहीं है और उन्होंने उस प्रकार के आरोप लगाए सरकार पर जो हमें स्वीकार्य नहीं है बल्कि कहना चाहिए वह राजनीतिक आरोप है, चुनाव जीतने के हथकंडे के तौर पर उनको देखा जा रहा है कि 7th फेज में कैसे उसका लाभ उठाया जाए इसलिए उन्होंने यह आरोप लगाए और उनकी पार्टी के जो मीडिया में आया था कि भड़ाना जी हैं उन्होंने जाकर के सौदेबाजी की कोशिश करी उस परिवार से तो कोई दबाव था परिवार पर तो उनका होगा, सरकार के पास तो कोई इतला थी नहीं और सरकार को जैसे ही इतला मिली एसपी को 30 तारीख को और 1 तारीख और 2 तारीख को FIR लॉज हो गई और लगातार कार्रवाई हो रही है और सभी मुलजिम पकड़े गए हैं। तो यह आरोप लगाकर के प्रधानमंत्री अपनी कैम्पेन के अंदर थानागाजी का नाम लेकर के जबकि उनकी खुद की जहां सरकारे हैं, राज्य सरकारें हैं इवन राजस्थान के अंदर भी 5 साल सरकार चली यहां पर कितनी घटनाएं हुई शर्मनाक घटनाये हुई थी, वैशाली नगर में तो एक महिला के साथ में सामूहिक बलात्कार हुआ पति के सामने, पति के चाकू लगा दिया गया और ससुर को बांध दिया गया पड़ोस के अंदर। जयपुरवासी कई दिनों तक सोए नहीं उस वक्त में ऐसा आतंक और भय पैदा हो गया इस रूप के अंदर राजस्थान के अंदर घटनाएं हुई तो मोदी जी ने एक शब्द नहीं कहा। यूपी के अंदर एक विधायक ने बलात्कार किया तो इलाहाबाद हाई कोर्ट को कहना पड़ा सीबीआई को कहा अरेस्ट करो पुलिस अरेस्ट नहीं कर रही है तो थानागाजी ही क्यों दिखा उनको? जबकि थानागाजी के अंदर हमने जो कार्रवाई करी है थानेदार को सस्पेंड कर दिया, एसपी को हटा दिया और थाने को लाइन हाजिर कर दिया बाकी जो मैंने कदम उठाए हैं पहले एक बार ब्रीफ कर चुका हूं अभी मैं आपको एक नोट दूंगा उसके अंदर जानकारी मिलेगी क्या क्या हमने कदम उठाए हैं और किस प्रकार से हम चाहते हैं राजस्थान के अंदर पुलिस प्रशासन एक मॉडल बने देश के अंदर मेरी ख्वाहिश यह रहेगी राजस्थान की पुलिस देश के अंदर मॉडल कैसे बने, किस प्रकार से क्राइम रुके यहां पर अंकुश लगे, किस प्रकार से तत्काल कार्रवाई हो, किस प्रकार से लोगों को राहत मिले, किस प्रकार से फरियादी थाने में जाए उसको मान-सम्मान मिले इस दिशा में हम काम करना चाहते हैं और जिस रूप में राजनीति हो रही है थानागाजी को लेकर चुनाव जीतने के लिए मैं समझता हूं कि जनता समझती है इन बातों को और मोदी जी को समझना चाहिए कि आप प्रधानमंत्री देश के हैं और उस रूप में आप बिना जानकारी के जिस रूप में कार्रवाई कर रहे हैं वह उचित नहीं कही जा सकती है।

सवाल: सर मायावती जी ने थानागाजी घटना पर कहा है कि वह राजस्थान सरकार से समर्थन वापस ले सकती है....
जवाब: करेंगी, किया तो नहीं? करेंगी में फ्यूचर तो फ्यूचर ही होता है। मायावती जी का स्वाभाविक है कॉमेंट करना क्योंकि वह बीएसपी के नेता है और एक दलित परिवार के साथ में अन्याय होगा तो उनका बोलना उचित मानता हूं मैं, स्वभाविक मानता हूं पर मोदी जी जिस प्रकार की राजनीति कर रहे हैं उनकी पार्टी की सरकार 5 साल चली, 2 अप्रैल की घटना में क्या हुआ? 350 मुकदमे दर्ज हो गए 1 दिन के अंदर तो दलित विरोधी कौन लोग हैं? जनता सब जानती है और मायावती जी का बोलना स्वाभाविक मानता हूं मैं और मैं समझता हूं कि हमें किसी को एतराज भी नहीं होना चाहिए उनकी बात पर।

सवाल: मायावती जी ने प्रधानमंत्री का भी इस्तीफा मांगा है, मोदीजी से भी इस्तीफा मांगा है उन्होंने..
जवाब: वह तो मांगना स्वभाविक है और मांगना ही चाहिए।

सवाल: सर मोदी जी ने कहा है मायावती जी को राजस्थान से समर्थन विड्रॉ कर लेना चाहिए
जवाब: मायावती जी खुद ही जो कमेंट बता रहे हैं आप मुझे, मायावती जी को दर्द होना स्वाभाविक है इतना ही कमेंट है मेरा इस पर क्योंकि वह दलित वर्ग की नेता है, दलित के ऊपर यह जो जुल्म हुआ है इसकी कोई अनदेखी नहीं कर सकता और हमारी गवर्नमेंट सब वो कदम उठाएगी जो एक गवर्नमेंट को उठाने चाहिए, चाहे हमें कितने भी एक्सट्रीम में जाना पड़े।

सवाल: सर वहां के लोकल बीजेपी नेता का मैनिपुलेशन सामने आ रहा है, क्या आप कार्रवाई करेंगे गृह मंत्री के रूप में?
जवाब: जानकारी पूरी मिलती है पुख्ता अभी तो मीडिया में आई थी, मैंने कह रखा है अगर कोई जानकारी पुख्ता मिलेगी तो कार्रवाई होगी।

सवाल: सर आपने नया स्कीम किया है कि एसपी ऑफिस में ही दर्ज होगी उससे आपको कैसे लगता है कि इंप्रूवमेंट होगा...
जवाब: दो-तीन बातें हैं हम और करना चाहते हैं थाने में कोई व्यक्ति जाए फरियादी उसके साथ में शिष्टाचार से बातचीत हो, अच्छा व्यवहार हो उसको हाईटेक कैसे कर सकते हैं हम लोग जिससे कि जानकारी मिल सके क्योंकि आमतौर पर शिकायतें रहती है थाने में कोई आदमी जाने की हिम्मत नहीं करता है, थाने में जाना नहीं चाहता कोई व्यक्ति इन सब सिस्टम को बदलना चाहते हैं कि किस प्रकार से थाने में कोई जाए अभी तो आराम से जा सके और कंफर्टेबल फील करें और अगर थाने में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करें थानेदार तो उसके लिए सिस्टम बना रहे हैं ऑनलाइन भी बना रहे हैं जिससे कि वह दर्ज करवा सकें, दर्ज नहीं होगी तो एसपी ऑफिस के अंदर व्यवस्था करेंगे कि वह शिकायत वहां दर्ज हो जाए यह पुख्ता व्यवस्था कर रहे हैं और आजकल में ऑर्डर निकल जाएंगे। और जो मैंने कहा महिलाओं के लिए की तमाम जिलों में नई पोस्ट क्रिएट की जा रही है की महिलाओं के साथ में कोई अत्याचार होगा, उत्पीड़न होगा तो जैसे एससी एसटी के लिए अलग होता है सीईओ उसे ढंग का dysp अलग से रहेगा वह पोस्ट क्रिएट जल्दी करवा देंगे।

सवाल: मतलब उस केस में फिर एसपी ऑफिस की निगरानी रहेगी?
जवाब: निगरानी भी रहेगी और यहां तक मेरी सोच है की बाकायदा एसपी और आईजी कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट भेजे अपने मार्फत अधिकारियों के बारे में कि कौन लोग अच्छा काम कर रहे हैं उनको रीवार्ड मिल सके, कौन लोगों की मिलीभगत है अभियुक्तों से, कौन लोग रिश्तेदारी निभा रहे हैं भाई भतीजा वाद कर रहे हैं या अपने संबंध निभा रहे हैं तमाम तरह से रिपोर्ट सरकार तक आए और 4 महीने में एक बार मैं खुद बैठूंगा साथ में हम रिव्यू करेंगे की 4 महीने की रिपोर्ट क्या आ रही है जिलों से उसके आधार पर हम चाहेंगे कुछ कार्रवाई हो, कि कौन थाने के अंदर कौन एडिशनल एसपी कौन सीओ क्या काम कर रहे हैं? किनको रिवार्ड करना है और किन को पनिश करना है।

सवाल: मोदी जी और मायावती जी सपोर्ट को लेकर बात कर रहे हैं राजस्थान के अंदर बीएसपी का सपोर्ट है कहाँ है सरकार में?
जवाब: राजस्थान में बीएसपी का सपोर्ट हमारे साथ है और वह बना रहेगा।

सवाल: भीम आर्मी राजस्थान में कुछ ज्यादा ही एक्टिव दिख रही है वह ग्राउंड बनाना चाहती है यहां पर?
जवाब: देखिए डेमोक्रेसी के अंदर यह छूट सबको ही है इसीलिए तो हम आप को कहते हैं मोदी जी को हराओ वरना फिर जो क्वेश्चन कर रहे हैं वह नहीं कर पाओगे आप। मोदीजी को हराना इसलिए जरूरी है लोकतंत्र बचा रहे हैं, भीम आर्मी आ जाए या और कोई नई आर्मी आ जाए, हनुमान बेनीवाल आर्मी आ जाए कोई आर्मी आए तो कम से कम बचे रहे हम लोग क्योंकि लोकतंत्र में छूट है करने की चाहे किरोड़ी मीणा की आर्मी आ जाए तो हमें कोई चिंता नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह तो डेमोक्रेसी है पर अगर मोदी जी जीत गए तो यह तमाम जो छूट मिली हुई है देश को उस पर अंकुश अभी से लग रहा है और लगेगा। पूरा मीडिया जो है जिससे मेरी शिकायत रहती है आप के मालिक लोग एडिटर एंकर जिस दबाव में काम कर रहे हैं वह बहुत अनफॉर्चूनेट है अभी भी मीडिया में टोटली वही छाए हुए हैं मोदी जी छाये हुए हैं ऊपर से आपका दूरदर्शन और रेडियो और साथ में आपके नमो टीवी बता दीजिए अब क्या बचा है? आप सबको चिंता होनी चाहिए मेरी चिंता में आपकी भागीदारी होनी चाहिए और यह बात में राजनीतिक नहीं कह रहा हूं।

सवाल: सर मोदी जी बार-बार आप के ऊपर अटैक कर रहे हैं आपसे उनको खतरा लग रहा है...
जवाब: मोदी जी खुद घबराए हुए हैं उनको खतरा लग रहा है 23 तारीख का कि 23 को क्या होगा? जो व्यक्ति यह कहे बंगाल के अंदर की 40 एमएलए मेरे संपर्क में है कभी आपने आजादी के बाद में सुना किसी प्रधानमंत्री के मुंह से कि वह कहे कि 1 स्टेट के अंदर 40 एमएलए मेरे संपर्क में हैं और जैसे ही 23 को जीतेंगे टूट के मेरे साथ आ जाएंगे, यह क्या हो रहा है देश के अंदर? बहुत खतरनाक खेल खेला जा रहा है और मोदी जी और अमित शाह जी दो ही चेहरे हैं देश के अंदर? सारे आरएसएस के बंदों को बिठा दिया सारे डिपार्टमेंट के अंदर आपने देखे होंगे आरएसएस के लोग होंगे, तो सब को बिठा दिया गया एक एक बंदे को बिठा दिया गया और साथ में क्या हो रहा है, सेक्रेटरी जी को बुलाया जाता पीएमओ के अंदर मंत्री जी बैठे हुए हैं बड़ी बेइज्जती होती है उनकी, सारी संस्थाओं में आरएसएस का कब्जा, मंत्री कौन बनेगा आरएसएस तय करती है, मुख्यमंत्री कौन बनेगा आरएसएस तय करती है तो मैंने क्या गलत कहा आरएसएस अपने आप को राजनैतिक पार्टी डिक्लेयर कर दे तो इसमें हर्ज क्या है बताइए यह मैं ईमानदारी से कह रहा हूं राजनीतिक बात नहीं कह रहा हूं। पटेल साहब को लिख कर दिया कि हम सांस्कृतिक संगठन रहेंगे जब गांधी जी की हत्या हुई उसके बाद में प्रतिबंध लग गया आरएसएस पर, लिख कर दिया कि हम तो खाली अब जिंदगी में सांस्कृतिक संगठन रहेंगे सांस्कृतिक संगठन के रूप में काम करेंगे और आप पूरी राजनीति करने लग गए हो और अब भी राजस्थान के अंदर पूरी इमदाद करी है आर एस एस के लोगों ने बीजेपी का कैम्पेन पूरा ही आरएसएस ने चलाया है खुली किताब की तरह है जब आरएसएस राजनीति कर रही है तो उनको डबल चरित्र नहीं रखना चाहिए। जो आदमी हिंदू संस्कृति की बात करते हैं हिंदू संस्कार की बात करते हैं जो परंपरा की बात करते हैं उनकी संस्कृति परंपरा और दिमाग के अंदर एक सवाल होना चाहिए चाहे वह हिंदू राष्ट्र की बात करें खुलकर करें, कांग्रेस अपनी बात करेगी वह सर्वधर्म समभाव की बात करेगी, वह धर्मनिरपेक्षता की बात करेगी आप हिंदुत्व की बात करोगे मुकाबला होगा जनता फैसला करेगी क्या करना है पर छुपके वार कर रहे हो आप यह खतरनाक खेल है खुलकर आओ, बीजेपी को मर्ज कर दो अपने अंदर आप और बीजेपी वैसे ही एक ही हो मेरा सिंसियर एडवाइस है मोहन भागवत जी को कि उनको चाहिए कि इस पर विचार करें, मेरे सुझाव पर विचार गंभीरता से करें और मैं गंभीरता से कह रहा हूं इसको क्योंकि अब उनको मजा आ गया राज करने का, राज में भागीदारी इतनी शानदार हुई है इसलिए पूरे देश में मैदान में कूद पड़े हैं वापस मोदी जी की सरकार बनाने के लिए। जब ऐसी स्थिति आ गई देश के अंदर तो उनको चाहिए खुद को सांस्कृतिक संगठन कहना बंद करें राजनीतिक पार्टी के रूप में उभर कर आए और कांग्रेस, सीपीएम जो भी संगठन है अपनी अपनी बात जनता को कहेंगे जनता माई बाप होती है जनता फैसला करेगी हमें किसको सत्ता देनी है, हमें एतराज नहीं होगा उसके बाद में अभी हमें ऐतराज है कि आप बात करते हो सांस्कृतिक संगठन की और हिंदुत्व की, बीजेपी राजनीतिक पार्टी है वह संविधान में बंधने की बात करती है संविधान में धर्मनिरपेक्षता लिखा हुआ है तो आपकी जो डबल चाल है वह उचित नहीं है उनके खुद के लिए उचित नहीं है, उनके चरित्र के लिए उचित नहीं है। चाल चरित्र और चेहरे की बात करते थे वो चाल चरित्र और चेहरा बिगड़ रहा है उनका मेरी सलाह है वह वापस ठीक कर ले गाड़ी लाइन पर लाए और राजनीतिक दल के रूप में उभर के आए।

सवाल: सर कमल हसन का एक बयान आया है की नाथूराम गोडसे आजाद भारत के पहले हिंदू आतंकवादी थे क्या आपको लगता है आतंकवाद का भी धर्म होता है?
जवाब: कोई धर्म नहीं होता, आतंकवाद आतंकवाद होता है उसका कोई धर्म नहीं होता।

सवाल: सर इन के आंदोलन चल रहे हैं थानागाजी को लेकर उनको जाती वादी संगठन हाईजैक कर रहे है तो राजनीतिक दलों से भरोसा नहीं रहा है ऐसा क्यों हो रहा है...
जवाब: क्योकि 70 साल के बाद में भी आजादी के बाद में भी समाप्त होना चाहिए था जातिवाद वह बढ़ता गया है। आज नई पीढ़ी के अंदर भी जातिवाद बहुत ज्यादा घुस गया है जो अनफॉर्च्यूनट है। जहां नहीं पीढ़ी में विज्ञान और तकनीकी का जमाना है, हाथ में मोबाइल फोन है दुनिया मुट्ठी में है उसके बाद में भी जातिवाद उनमें ज्यादा घुसा हुआ है। मोदी मोदी करने वाले ज्यादा यूथ लोग ही है और कल के भारत का भविष्य उनके हाथों में है और अगर वह मोदी मोदी करेंगे बिना सोचे समझे सोशल मीडिया के माध्यम से, सोशल मीडिया अपने आप में इस देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने का षड्यंत्र है उसके चक्कर में आकर के हम बोलेंगे हो सकता है कल हमें पश्चाताप करना पड़े।

सवाल: 23 तारीख को जीत का सेहरा या हार की जिम्मेदारी...
जवाब: फैसला जनता करती है किसको जिताना है किसको हराना है, जनता का फैसला हमेशा डेमोक्रेसी में शिरोधार्य होना चाहिए यह मेरा मानना है।

सवाल: सर न्याय योजना राजस्थान में लागू...
जवाब: वह तो पूरे देश में लागू होगी, कांग्रेस ने लिखा है मेनिफेस्टो में सरकार बनने के बाद में लागू होगी पूरे देश में।

सवाल: बादलों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी ने कहा कि जो बादल रहे हैं उसकी वजह से हमारे विमान है जो पाकिस्तानी राडार से बच सके...
जवाब: अब इसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही होगी मुझसे क्यों करवा रहे हो। इसकी चर्चा पूरे विश्व में हो रही होगी कि कितने हमारे प्रधानमंत्री एक्सपर्ट है हर चीज के अंदर और कितनी अच्छी सलाह दे सकते हैं किसी को भी यही तो है उनकी खूबी। मैं रहा हूं सिविल एविएशन मिनिस्टर तो सिविल एविएशन मिनिस्टर के हिसाब से तो मैं कह सकता हूं कि लगता नहीं है कि जो प्रधानमंत्री जी ने कहा है वह मुझे लगता नहीं है कि किसी भी रूप में ठीक हो। वह प्रधानमंत्री है कुछ भी कह सकते हैं उनको छूट मिली हुई है।

सवाल: सीएम साहब आप आरएसएस पर कहते हैं कि वह सब संस्थानों में घुसे हुए हैं पिछली सरकार बीजेपी की थी तो आपने पता लगाया कि कहां कहां पर आरएसएस के लोग हैं
जवाब: अभी तो सरकार बनते ही चुनाव आ गए अभी मैं बुलाऊंगा आपको अलग से सलाह करूंगा कौन-कौन लोग कहां बैठे हुए हैं, मेरा काम आसान हो जाएगा। सवाल यह है कि आरएसएस और कोई पार्टी का आदमी तो होता ही है जज बनते हैं हाई कोर्ट में वह भी कोई पार्टी के लोग होते हैं, सवाल यह है कि जज बनने के बाद में उसकी भूमिका क्या है। जज बनने के बाद में उसकी भूमिका निष्पक्ष और न्याय देने की होनी चाहिए शिकायत वहां होती है और कोई बात थोड़ी होती है डेमोक्रेसी में, कोई बन सकता है बाहर के लोग आकर थोड़ी बनेंगे विदेश से।

सवाल: सर बांसवाड़ा की कई तहसीलों से हमारे पास खबरें आ रही है पानी की किल्लत की, बांसवाड़ा में डैम की है...
जवाब: पानी की बहुत समस्या है राजस्थान में हमने बहुत कोशिश की है टैंकर लगाने की, ट्यूबेल खुद रहे हैंडपंप खुद रहे हैं, जहां शिकायत आती है वहां बाकायदा कंट्रोल रूम बना हुआ है फिर भी दिक्कत आती है जनता को सहयोग करना पड़ेगा। पानी हमने अभी निशुल्क कर दिया है गांव में तो बिल्कुल निशुल्क कर दिया है और शहरों में मामूली फिक्स प्राइस होती है वही लगती है।

बड़ा अच्छा लगता है आप लोग आते हैं बातचीत करते हैं आपकी अपनी मजबूरीयां होती है, आने की मजबूरियां होती है और नहीं आने की मजबूरियां होती है, लिखने की मजबूरियां होती है और नहीं लिखने की मजबूरियां होती है आपका कोई कसूर नहीं है आप सब बरी है।

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