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आजादी की गौरव यात्रा

दिनांक
17/05/2022
स्थान
अल्बर्ट हॉल (जयपुर)


जो आज शंखनाद हुआ है, शंख बजाने में जो पावर चाहिए, वही पावर चाहिए सबके अंदर संघर्ष करने के लिए, मुझे खुशी है कि अध्यक्ष जी ने आपको बहुत विस्तार से सब भूमिका बताई और मुझे खुशी है कि अभी अध्यक्ष जी कह रहे थे कि रतनपुर में जो माहौल था, जब हमारे महामंत्री रघु शर्मा जी जो वहां काम कर रहे हैं गुजरात में, वो भी थे, मुकुल वासनिक जी भी थे, अजय माकन जी भी थे, लालजी भाई और सब लेकर आए थे यात्रा में, इस गर्मी के अंदर जो आप संघर्ष कर रहे हो गौरव यात्रा के नाम पर अपने आपमें ही वो बड़ी मिसाल है, मैं आपको बधाई देता हूं।
चिंतन शिविर में जो आउटकम हुआ, वो आपने देखा कि किस प्रकार से सोनिया जी ने, राहुल जी ने पूरे देशवासियों को संबोधित किया और कांग्रेसजनों को आह्वान किया, हमें भी उस रूप में आगे बढ़ना है और एक नई शुरुआत करनी है। जो फैसले हुए उनको मैं रिपीट नहीं करना चाहूंगा, ऐतिहासिक फैसले थे, वो तमाम फैसले इम्प्लीमेंट हों, इम्प्लीमेंट होगा तो वापस कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार होगा। कभी कार्यकर्ता जैसा राहुल जी ने कहा कि कुछ निराश हो जाते हैं, सरकार नहीं बनती तो स्वाभाविक है, ह्यूमन नेचर होती है, हमें उससे घबराना नहीं है, ये उतार-चढ़ाव पहले भी कई बार आए हैं, उत्तर भारत में हम साफ हो गए थे, वो टाइम भी हमने देखा इंदिरा जी के वक्त में भी, वापस लोगों ने आशीर्वाद दिया इंदिरा जी को और भारी बहुमत से सरकार बन गई थी। तो हमें चिंता नहीं करनी है, ये कोई इनकी जीत नहीं है, ये जो घमंड में चल रहे हैं न, ये लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं है क्योंकि इनको बीजेपी को 31 पर्सेंट वोट मिले थे सिर्फ, आप सोच सकते हो, बाकी वोट तो खिलाफ पड़े थे और उनको मिला लो अगर आप इनके एनडीए गवर्नमेंट के सहयोगियों के, उससे 37 पर्सेंट वोट हो गए। तब भी आप देखिए कि 63 पर्सेंट वो खिलाफ में थे, 100 में से 63 पर्सेंट खिलाफ में भी तो पड़े हैं। उस वक्त मोदी जी बड़ा दिल दिखाते कि लोकतंत्र में मुझे तो 31 पर्सेंट वो ही मिले हैं, 69 पर्सेंट वो खिलाफ पड़े हैं बीजेपी के और मिला लें उनको, तब भी 63 पर्सेंट खिलाफ पड़े हैं, तो मुझे सबको साथ लेकर चलना चाहिए, जैसे कांग्रेस साथ लेकर चलती थी, साथ लेने का मतलब विपक्ष की भावनाओं का आदर करती थी, विपक्ष की मांगों पर फैसले करती थी, हमारे कई मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे हो गए महाराष्ट्र के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री के, केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफा हो गया, लॉ मिनिस्टर का इस्तीफा हो गया केंद्र में, रेल मंत्री का इस्तीफा हो गया, कोई कम बात है क्या? और यहां पर आप देख लीजिए एक मंत्री के बेटे का जो हालात हुई थी और जिस प्रकार भाषण दिया मंत्री जी ने मिश्रा जी ने यूपी के अंदर, खुद ने भड़काया लोगों को देखा होगा आपने, उनका एक इस्तीफा नहीं हुआ, यही फर्क है लोकतंत्र में और फासिस्टी लोगों में, इनका कोई यकीन नहीं है लोकतंत्र के अंदर, लोकतंत्र का मुखौटा पहनकर ये राजनीति कर रहे हैं सरकार में आने के लिए कि हम लोकतंत्रवादी हैं, वो लोकतंत्रवादी नहीं हैं, जो देश में माहौल है, अभी अध्यक्ष जी बता रहे थे कि मिस्टर चिदंबरम के यहां वापस, वो जेल में गए, मैं उनसे मिलकर आया था तिहाड़ जेल के अंदर, अब देखो आप वापस छापे शुरू हो गए, तो ये जो स्थिति बनी है, इससे आप समझ सकते हैं कि लोकतंत्र कहां है? सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी का दुरुपयोग हो रहा है, हमारे यहां पर जब क्राइसिस आया था पॉलिटिकल, तो छापे पड़ रहे थे, आप देखिए कि गौरव यात्रा का जिनको इंचार्ज बनाया है अध्यक्ष जी ने धर्मेंद्र राठौड़ जी को, ये भी फेमस हो गए, इनके भी छापा पड़ गया, पूरे देश के अंदर धर्मेंद्र राठौड़, धर्मेंद्र राठौड़, धर्मेंद्र राठौड़, अरे भई कोई उद्योगपति है? बड़ा व्यापारी है? है क्या ये? मेरे घर पर भाई के यहां पड़ गए जोधपुर के अंदर, यहां और लोगों के यहां पड़ गए, तो सरकार गिराने का षड्यंत्र कोई मामूली नहीं था वो, अमित शाह जी का, धर्मेंद्र प्रधान जी का और वो जोधपुर वाले शेखावत साहब, जिनको वो अभी तक भागते फिर रहे है, अपना वॉइस सैंपल नहीं दे रहे है और उल्टा लोकेश शर्मा पर केस कर दिया दिल्ली के अंदर, दिल्ली में पुलिस उनकी है, केस कर दिया वहां पर, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत है। तो ये तमाम इनके मंसूबे हमने फेल कर दिए आप लोगों के आशीर्वाद से जो साथ निभाया विधायकों ने, कोई मामूली बात नहीं थी। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि उतार-चढ़ाव सब आते रहते हैं, आपको और हमको समझना पड़ेगा।
ये चिंतन शिविर राजस्थान में होना एक मैं समझता हूं कि हमारे लिए गौरव की बात है कि सोनिया जी ने, राहुल जी ने राजस्थान को ऑफर दिया। पहले भी चिंतन शिविर जयपुर में हुआ था, महंगाई के विरुद्ध रैली राष्ट्रीय स्तर की थी जिसमें पूरे देश के नेता आए थे, तब भी आप लोगों ने शानदार उसको सफल बनाया और सेवादल का इतिहास हमेशा सफलता के नाम से ही लिखा जाता है राजस्थान के अंदर, चाहे राजीव गांधी जी थे, इतने दौरे किए आदिवासियों में, पीएम फॉलोअप प्रोग्राम शुरू किया तो राजस्थान सेवादल ने शुरू किया। हमारे खेमराज कटारा जो उस वक्त में अध्यक्ष थे कोई कमी नहीं रखी थी उस वक्त में, सेवादल का मान-सम्मान अलग है देश के अंदर राजस्थान के सेवादल का, इसीलिए सोनिया गांधी जी ने रास्थान के सेवादल के कैंप में रात्रि विश्राम करना स्वीकार किया था। हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार किसी कांग्रेस अध्यक्ष सेवादल के शिविर में रात्रि विश्राम कर रही हैं, सेवादल के साथियों से बातचीत कर रही हैं, नाश्ता कर रही हैं, खाना खा रही हैं, आप समझ सकते हो कि सेवादल का क्या महत्व है सोनिया गांधी जी के दिमाग के अंदर और वो ही आज गौरव यात्रा निकाल रहे हैं तो पूरा हिस्सा जो है ज्यादा वो तो करीब राजस्थान से ही है, इतना विश्वास सेवादल पर है राजस्थान के सेवादल पर, तो हेमसिंह शेखावत जी को भी बधाई, आप सबको उसके माध्यम से बधाई। सेवादल तो मैदान में परमानेंटली ही है, बाकी तो आते-जाते रहते हैं, आप तो मैदान में हमेशा ही रहते हो और गर्व करते हो टोपी लगाकर कि भई सेवादल के लोग खड़े हैं। तो आपको इतना ही कहना चाहूंगा संघर्ष लंबा है जैसा सोनिया जी ने कहा, 'We WILL Overcome' एक दिन हमारी विजय होगी, तो दिमाग में रखो कि सोनिया जी ने कहा है तो उसका एक मतलब होता है और इस देश के डीएनए के अंदर कांग्रेस की विचारधारा है और कांग्रेस की विचारधारा वो ही है जो देश के संविधान की मूल भावना है। तो संविधान की मूल भावना, लोकतंत्र निकलता है उसमें से और कांग्रेस की नीतियां, कार्यक्रम, सिद्धांत वो सब एक से हैं। इनकी जो नीतियां हैं, कार्यक्रम हैं, सिद्धांत हैं वो देश को बर्बाद करने वाले हैं, देश में हिंसा फैलाने वाले हैं, देश में तनाव पैदा करने वाले हैं, भाई-भाई को लड़वाने वाले हैं, रात-दिन का फर्क है इनकी विचारधारा में, इनकी सोच के अंदर, जो आप देख रहे हो, क्या तमाशे हो रहे हैं देश के अंदर। अब एक नया तमाशा शुरू कर देंगे वहां पर वाराणसी के अंदर, आप देख रहे हो कल से टीवी के अंदर, सोशल मीडिया में शुरू हो रहा है। कोई 100 जगह पर ऐसे स्थान होंगे जहां पर ये कॉन्ट्रोवर्सी पैदा करते रहते हैं, तो कब तक आप हिंदू-मुस्लिम को लड़वाते रहोगे देश के अंदर? जो सदियों से रहते आए हैं साथ में और सदियों तक साथ रहना है सबको, सदियों तक साथ रहना है, हमें अपनी बात कहने में हिचक नहीं होनी चाहिए, चिंता मत करो, अगर हमने बात नहीं की, तो इतिहास हमें भी माफ नहीं करेगा। आज हम अपनी विचारधारा पर अटल रहेंगे, तो इतिहास में कम से कम ये तो लिखा जाएगा कि भई कांग्रेस के लोगों ने कमी नहीं रखी, सर्वधर्म समभाव को, लोकतंत्र को, समाजवाद को जिंदा रखने के लिए, यही तो कहेंगे लोग। सरकारें आती-जाती रहती हैं, परंतु जो हमारा ध्येय है, वो तो मजबूत रहे, तो हमें अपने ध्येय को कांग्रेस को मजबूत, झंडा बुलंद रहे सदियों तक, उसकी व्यवस्था करनी है, लड़ाई विचारधारा की है। हमें अपनी विचारधारा को मजबूत बनाते रहना है लगातार, अपने आप ही सत्ता आती जाएगी, परंतु विचारधारा हमारी जो है वो कमजोर नहीं पड़नी चाहिए, हमारी लड़ाई विचारधारा को मजबूत करने की लड़ाई है, जो ये तोड़ना चाहते हैं, कांग्रेस मुक्त भारत बनाने की बात इसलिए करते हैं कि कांग्रेस की विचारधारा ही खत्म हो जाए, उसका मुकाबला करने का काम हम सबको मिलकर देशवासियों को, कांग्रेसजनों को करना है, ये दिमाग में रखें, तब देश एक रहेगा, अखंड रहेगा, वरना देखो आप इंदिरा गांधी जी ने जान दे दी, राजीव गांधी शहीद हो गए, सरदार बेअंत सिंह जी शहीद हो गए, पर खालिस्तान नहीं बनने दिया, कितनी बड़ी बात है, जान की कुर्बानी दे दी अपनी, पद पर रहते हुए, प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए, मुख्यमंत्री रहते हुए दे दी, ये क्या समझेंगे देशवासियों की भावनाओं को? कुर्बानी क्या, ये तो मुखबिर थे आप बात करते हो, अंग्रेजों के मुखबिर थे ये लोग, ये फैक्ट है ये तो, पार्लियामेंट में डिस्कशन हो चुका है ये, ये मुखबिरी करते थे अंग्रेजों के वक्त में, ये क्या बात करेंगे हमसे? हमसे क्या लोहा लेंगे? आप सीना तानकर राजनीति करो क्योंकि आपमें दमखम है, आपकी नीतियां, आपके कार्यक्रम-सिद्धांत हैं, वो ही देश के हैं, इसलिए चिंता ही मत करो इनकी तो। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि जो आपने ये गौरव यात्रा यहां तक पहुंचाई है, अभी जब धर्मेंद्र राठौड़ जी का मैसेज आया, तो मैंने उचित समझा कि आपके बीच में आऊं, मुझे खुशी है कि आप लोग बहुत उत्साह में हैं, थके नहीं हो, चेहरे पर आपके अभी तक भी उत्साह भी है, चमक भी है, इन्होंने अभी वहां जो बात कही है सेवादल के बारे में, बहुत सुंदर शब्दों में आपकी बात रखी है शिविर के अंदर भी, लालजी भाई देसाई का नया रूप देखने को मिला मुझे वहां क्योंकि बहुत विस्तार से बोले, अच्छा बोले और बहुत अच्छे ढंग से समझाया सबको, तो इनको मैं साधुवाद देता हूं और आप सबको मैं शुभकामनाएं आगे की यात्रा के लिए देता हूं, आप लोग सब आगे बढ़ें और भारत माता की जय, भारत माता की जय और जय-जय-जय।
देखिए 3 यात्राएं निकल रही हैं, 2 यात्राएं पहले डिक्लेयर की गईं गौरव यात्रा साबरमती से राजघाट तक, चंपारण से वेस्ट बंगाल तक कोलकाता तक और 3 यात्राएं जो अभी आपकी, पहले से तय ये प्रोग्राम जो आया है जनजागरण अभियान का, जो अध्यक्ष जी ने छेड़ रखा है पहले से ही, 15 जून से वापस उसकी शुरुआत करनी है, पूरे देश के अंदर होगी, 9 अगस्त को भारत जोड़ो आंदोलन की शुरुआत हो रही है, 80 साल पहले भारत छोड़ो की शुरुआत की थी गांधी जी ने 9 अगस्त को, इस बार 9 अगस्त को भारत जोड़ो की बात की जा रही है। ये भारत जोड़ने की बात जो की गई है, उसके पीछे आप मायने समझ सकते हो, देशवासियों को समझाना है कि भारत जोड़ो की बात क्यों की गई है, भारत अभी तो एक है, हम एकता-अखंडता में जी रहे हैं क्योंकि बलिदान हुआ इंदिरा जी का, जैसा मैंने कहा कि सरदार बेअंत सिंह जी, राजीव गांधी जी ने बलिदान हुआ। अब जो भारत जोड़ो की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि भारत को कमजोर कर रहे हैं ये लोग, धर्म के नाम पर जिस प्रकार से ये हिंसा कर रहे हैं, दंगे भड़का रहे हैं करौली के अंदर, मैं बार-बार कह रहा हूं कि करौली में दंगा जो हुआ वो दंगा नवसम्वत पर किया, फिर रामनवमी आई तो हमने उसको चाक-चौबंद किया, एक जगह दंगा नहीं हुआ, बल्कि फूल बरसाए गए एक-दूसरे पर रामनवमी पर, पर 7 राज्यों में दंगे हुए थे 7 राज्यों में, उस दिन पूरी कमेंट्री आ रही थी टीवी के अंदर कि 7 राज्यों में एक सा तरीका रहा दंगे करवाने का और यहां भी वही रहा था। तो मैंने गृहमंत्री महोदय अमित शाह जी से रिक्वेस्ट की, कि कृपा करके आप आठों जगह दंगे हुए हैं 8 राज्यों में, उनका आप बजाय प्रचार-प्रसार कर रहे हो करौली-करौली, 1 घंटे का था वहां पर सिर्फ, 1 घंटे में निपट गया सब, 1 कैजुअलिटी राजस्थान में नहीं हुई, दंगा हमने होने ही नहीं दिया, रोक दिया, वो हमारी कामयाबी है। करौली में, जोधपुर में और राजगढ़ में दंगा नहीं होने दिया, दंगा जब होता है तो क्या होता है मालूम है आपको? क्या-क्या नहीं होता है? जयपुर के अंदर दंगा हुआ था, तो आप सोच सकते हो कि दंगा क्या होता है, उसको रोकने में हम कामयाब रहे, वो बात नहीं करेंगे और पूरा प्रचार-प्रसार करेंगे राजस्थान को लेकर क्योंकि राजस्थान टार्गेट के अंदर है प्रधानमंत्री महोदय नरेंद्र मोदी जी के और अमित शाह जी के टार्गेट के अंदर है। अभी इन्होंने छापामारी शुरू कर दी है, पता नहीं किस-किसके छापे पड़ेंगे, ध्यान रखना आप लोग। तो इसलिए आपको मैं रिक्वेस्ट करना चाहूंगा कि तमाम बातें अब शुरू हो गई हैं, चुनाव का बिगुल बजा दिया है इन्होंने पहले ही और हम मुकाबला करने के लिए तैयार हैं, हमारी सरकार, हमारा पुलिस प्रशासन इन लोगों से, जो दंगाई करने वाले लोग हैं, दंगा भड़काने वाले लोग हैं, मैं कहना चाहूंगा कि ये ऐसे लोग हैं जो आग लगाना जानते हैं और आप लोग हमेशा आग बुझाने में विश्वास करते हैं। आग लगाना आसान होता है, आग बुझाना बड़ा मुश्किल होता है, एक बिल्डिंग खड़ी करो, बहुत वक्त लगता है, गिराना हो, आप देख रहे हो तमाशा देश के अंदर, देश में बुलडोजर की राजनीति शुरू हो गई है, गरीबों पर बुलडोजर, दिल्ली में अभी तक चल रहे हैं बुलडोजर, ये स्थिति हो रही है, इससे घर उजाड़ना किसी का, आपका हमारा कोई आकर बुलडोजर चला दे घर पर, एक कोना तोड़ दे तो क्या स्थिति बनती है बताओ? एक कोना टूट जाए आपके दिल में क्या गुजरती है, एक कोना, इनको बेशर्मों को शर्म ही नहीं आती है कि उस गरीब की झोंपड़ी में क्या रखा है, खाने-पीने की चीजें रखी हैं, बर्तन कैसे हैं, कैसे नहीं हैं, आटा-दाल किस कोने में पड़े हुए हैं और बुलडोजर चलेगा उसके बाद में क्या होगा? इनको शर्म ही नहीं आती है कई लोगों को, इतने बेशर्म लोग हैं ये लोग, आप समझो इस बात को, उनका मुकाबला हमें करना है। इसलिए ये सब बातें आप देख रहे हो कि क्या हो रहा है देश के अंदर, हम उसका मुकाबला करेंगे और राजस्थान में हमने निश्चय किया है, चाहे कोई व्यक्ति हो, किसी पार्टी का हो, हिंसा पर विश्वास नहीं कर सकते, दंगे भड़काने वाले लोगों को बख्श नहीं सकते चाहे कोई जाति, कोई धर्म, कोई वर्ग, कोई पार्टी का आदमी हो, तब जाकर शांति स्थापित होगी और शांति होगी तो विकास होगा, अशांति होगी तो विकास रुक जाएगा। इसलिए हमें इन सब बातों का ख्याल रखते हुए गौरव यात्रा को आगे बढ़ाओ, मेरी बहुत शुभकामनाएं हैं, धन्यवाद, जय हिंद, धन्यवाद।

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