Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

नीट पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने पर मीडिया से बातचीत की :

दिनांक
12/05/2026
स्थान
जयपुर


नीट पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द होने पर मीडिया से बातचीत की :

देखिए मैंने कल ही मीडिया को भी कहा था कि यह समझ के परे है कि जब तीन तारीख को एग्जाम हुआ था और छात्रों ने, अभ्यर्थियों ने, तीन और चार तारीख को ही पुलिस को रिपोर्ट कर दी तो पुलिस ने कोई परवाह नहीं करी। फिर उन छात्रों ने NTA को लिखा। NTA को लिखा तब जाके उन्होंने डीजी पुलिस को मैंने सुना है कि इत्तला करी कि भाई ये शिकायत हमारे राजस्थान से आ रही है। तब केस एसओजी को दिया गया, उन्होंने 20-30 लोगों को अरेस्ट कर लिया।

पर ये समझ के परे है क्या कारण था कि FIR तक दर्ज नहीं कर रहे थे। मैंने कल ही मांग करी आप FIR दर्ज क्यों नहीं कर रहे हो? आपने बैठा रखा उनको, आप अरेस्ट करें, कार्रवाई शुरू करें, जांच शुरू करें। पूरे राजस्थान की बदनामी हो रही थी, पर यह समझ नहीं आ रहा कि स्टेट गवर्नमेंट ने क्यों ऐसे इंस्ट्रक्शन दिए होंगे, एसओजी संस्था जो है उनके अधिकारियों में असमंजस पैदा हो गई कि हम कार्रवाई आगे बढ़ाएं नहीं बढ़ाएं। ये खबरें भी आ रही थी एसओजी से भी।
यह बहुत ही अनफोर्चूनेट बात थी।

अब सवाल यह कि 2024 में पेपर आउट हुआ, 25 में हुआ और 26 में हो रहा है। तीन साल लगातार एनटीए से पेपर आउट हो रहे हैं।

जब तक आप तह में नहीं जाएंगे तो यह आगे भी ऐसी स्थिति बनती जाएगी। पहले भी जो एग्जाम होते हैं राज्यों में, वहां पर भी राजस्थान सहित मैं जहां तक समझता हूं, राज्य उसमें यूपी भी है, गुजरात भी है, हो सकता है एकाध स्टेट मैं गलत बोल रहा हूँ। मतलब देहरादून की भी रिपोर्ट आई थी, बिहार से भी आई थी। कई राज्यों से आती रहती है। तो यह जो पेपर लीक के जो गैंग बन गए हैं अलग-अलग राज्यों में और राष्ट्रव्यापी, इससे हमारे जो नौजवान पीढ़ी बहुत दुखी है।
तैयारी करते हैं, एग्जाम होते हैं, फिर एग्जाम रद्द करने पड़ते हैं। हमें भी राजस्थान में एक पेपर आउट हो गया, रद्द करना पड़ा था।

तो यह बहुत बड़ी एक समस्या चुनौती के रूप में हमारे सामने है। भारत सरकार को चाहिए, मैंने पहले ही अपील की थी, यह जो राष्ट्रीय स्तर पर जो यह ऑर्गेनाइज्ड वे में काम हो रहा है, ऑर्गेनाइज्ड वे में गैंग बनी हुई है, यह पता लगाना चाहिए यह इस समस्या के समाधान के लिए।

अब आप आश्चर्य करोगे अभी यह राजस्थान में SOG जांच कर रही है वो पेपर जो राजस्थान के आउट हो गए जयपुर या सीकर से जो हम सुन रहे हैं, उसमें FIR लॉज तो आज भी नहीं करी है, आज की होगी और बताइए NTA ने बिना FIR दर्ज करे ही पेपर को कैंसिल कर दिया, रद्द कर दिया। इसका मतलब उनके पास जो खबरें गई है ना छात्रों से जिन्होंने एग्जाम दिया है, डॉक्यूमेंट्स उन्हें भेजे हैं, उनसे कन्विंस होकर उन्होंने इतना बड़ा एग्जाम 22 लाख छात्र बैठे उसके अंदर और उन्होंने उसको रद्द कर दिया। इसका मतलब कितना ठोस प्रूफ उनके पास पहुंचे होंगे जो उनके पास पहुंच सकते हैं, एनटीए जैसी नेशनल एजेंसी के पास पहुंच सकते हैं तो राजस्थान गवर्नमेंट के पास SOG के पास नहीं पहुंचे क्या? तो पता नहीं ये क्या है बदनामी के डर से क्योंकि हमें बदनाम कर रहे हैं दो साल से, पेपर आउट, पेपर आउट, हम तो स्वीकार करते हैं पर यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारे वक्त में केस दर्ज होते थे। हमारे वक्त में ही पेपर रद्द होते थे, वापस एग्जाम करवाते थे।

पर यह जो इनकी जो अप्रोच है ना, वो नेगेटिव एप्रोच है। पूरे देश की बदनामी, राजस्थान की बदनामी हो रही है। SOG की बदनामी हो रही है कि राजस्थान के SOG ने क्यों नहीं FIR दर्ज करी? क्यों नहीं उन्होंने रिपोर्ट भेजी? रिपोर्ट भेजी हो, बताएं पब्लिक को कि हमने रिपोर्ट भेजी थी, तो ये सब रहस्य बने हुए हैं।

बहुत ही दुखद घटना है ये जिसमें NTA को यह पेपर रद्द करना पड़ा, सीबीएसई को जांच लेनी पड़ी। मैं उम्मीद करता हूं अब भी समय है लॉजिकल कन्क्लूजन तक पहुंचे CBI भी। पता लगाएं कि और जहां-जहां पेपर आउट हुआ, आर्मी में हो जाते हैं, ज्यूडिशियरी में हो जाते हैं, सब संस्थाओं में पेपर आउट हो रहे हैं तो यह वंस फॉर ऑल, हमेशा के लिए प्रॉब्लम हल होनी चाहिए मेरा मानना है। मेरी रुचि उसके अंदर है कि सरकार किसी पार्टी की हो, पेपर आउट होना बहुत बड़ी घटना होती है तो मैं समझता हूं कि उसके लिए किस प्रकार से हमेशा के लिए बीमारी समाप्त हो, बेरोजगारी बहुत ज्यादा है लोग कहते हैं, बेरोजगार लोग क्या करें ये धंधा पकड़ लिया। धंधा शुरू कर दिया इन लोगों ने, बड़े-बड़े नेता उसमें कई बार शामिल होते हैं। ऐसे नाम भी आते हैं तो मैं समझता हूं इन बातों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए सरकार को। अब सरकार, भारत सरकार तो क्या है चुनाव जीतने का उनका एजेंडा है खाली बस। चुनाव जीते कैसे? साम, दाम, दंड, भेद काम ले ओ। अरे भाई! चुनाव जीतना महत्वपूर्ण हो सकता है पर साथ में जो ये घटनाएँ हो रही हैं, उनको रोकना भी बहुत आवश्यक होता है।

जो मंत्री जी हैं हमारे धर्मेंद्र प्रधान जी, उनको चाहिए कि वो ध्यान दें इसके ऊपर। उनको चाहिए विशेष रूप से वो मंत्रालय के मंत्री हैं कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं, बताएं देश को।

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