Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत की :

दिनांक
21/05/2026
स्थान
नई दिल्ली


पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत की :

श्री राजीव गांधी जी उस जमाने में पहली बार 21st सेंचुरी की बात कर रहे थे। 21वीं सदी आने वाली है। तब तक पूरे मुल्क के नागरिकों को अपने आप को तैयार करना चाहिए जिससे कि नई शताब्दी में प्रवेश करें तो हिंदुस्तान भी दुनिया के दूसरे मुल्कों के श्रेणी में आ सके यह उनका सपना था।

विज्ञान में, टेक्नोलॉजी के अंदर, सोशल मीडिया में, महिलाओं के लिए, युवाओं के लिए एक सपना था उनके दिमाग में। इसलिए उन्होंने अठारह साल के युवाओं को मतदान का अधिकार दिया, पार्टी विरोध के बावजूद भी दिया। एक सपना था कि युवा पीढ़ी ही आने वाले कल के भारत के निर्माता बनेगी। यह सपना आज भी हम सब संजोए हुए उनके लिए। नई पीढ़ी को चाहिए कि उनके बारे में उनका व्यक्तित्व क्या था,कृतित्व क्या था, देश दुनिया में क्या उन्होंने अमिट छाप छोड़ी, उससे अवगत हो जिससे कि नई पीढ़ी भी आगे बढ़ सके और उपलब्धि हासिल कर सके। यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मीडिया द्वारा श्री राहुल गांधी के बयान कि वे आरएसएस- भाजपा से नहीं डरते हैं से संबंधित प्रश्न पर मेरी प्रतिक्रिया:
ये नई बात क्या है? उन्होंने नई बात थोड़ी कही है। नई बात तो नहीं कही उन्होंने। उनका इतना प्रेम है, देश प्रेम इतना उनके दिलों के अंदर है, दिल की बात जुबान पर उनकी आती है।

वो चाहते हैं कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में हमेशा वो आगाह करते देश को, देशवासियों को। चाहे नोटबंदी हो, चाहे कोविड का संकट हो, हर बार उन्होंने आगाह किया देश को। यह उनकी ड्यूटी भी है एज़ ए नेता प्रतिपक्ष, उस ड्यूटी को निभा रहे हैं।
आज जो हालात हैं सब चिंतित हैं। एक तरफ तो देश किस दिशा में जा रहा है कोई नहीं जानता, किस दिशा में जाएगा किसी को नहीं मालूम है। इतना बड़ा खतरा पैदा हो गया है, आलोचना करो सरकार की, जेल जाओ, आप राष्ट्रद्रोही हो। डेमोक्रेसी खतरे में है और धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है, अच्छा लगता भी है एक धर्म के लोगों को। पता नहीं कल उनके लिए यही बातें अच्छी साबित नहीं होगी।

इस माहौल में उनकी भावना है कि देश मजबूत बने, एक रहे, अखंड रहे जिसके लिए इंदिरा गांधी जी ने जान दे दी अपनी, राजीव गांधी शहीद हो गए। इस मुल्क को एक रखा, अखंड रखा वरना हमारे सामने देखते देखते रशिया जो अमेरिका के मुकाबले का सुपरपावर था उसके चौदह टुकड़े हो गए।

तो कृपा करके ये अलग अलग भाषाएं समझ नहीं आती नहीं एक दूसरे को, अलग अलग धर्म के लोग हैं, अलग अलग वर्गों के लोग हैं उन सबको प्यार मोहब्बत से रखना चाहिए और इसके लिए जिम्मेदारी विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष की ज्यादा होती है।
जो प्राइम मिनिस्टर होता है वो एक पार्टी का नहीं रहता है बनने के बाद में, प्राइम मिनिस्टर बनने के बाद में, मुख्यमंत्री बनने के बाद में वो तमाम पार्टियों का हो जाता है। तमाम पार्टियों के लोग जो होते हैं, देशवासी होते हैं, प्रदेशवासी होते हैं।

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