Shri Ashok Gehlot
Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura
मुख्य पृष्ठ
जीवन परिचय
फोटो दीर्घा
कार्यक्रम
प्रेस वार्ता
प्रेस-विज्ञप्ति
संपर्क करे
प्रेस वार्ता
मीडिया से बातचीत
दिनांक
31/05/2026
स्थान
अजमेर
पत्रकार - कल राहुल गांधी जी भी आएंगे कार्यक्रम में आप भी वहां पहुंच रहे हैं किस तरह देखते हैं
जवाब - देखिए एक नया प्रयोग उन्होंने एक नई पॉलिसी बनाई है कि हर जिले के अंदर, पहले पर्यवेक्षक जिले में जाएंगे इंडिपेंडेंट, वो कोई कागज असेप्ट न करें, वो खुद असेसमेंट करके नाम देकर आए पांच नाम उनमें से सिलेक्शन करें तो उसमें पूरे मुल्क में सिलेक्शन हो रहे हैं अधिकांश जगह हो भी गए हैं।
उसके साथ में प्रशिक्षण शिविर लग रहा है 10 दिन का, अब 10 दिन में उनका फैकल्टी वाले भी आते हैं और मैंने सुना सब तरह से उनको ऐसी ग्रूमिंग की जा रही है जिससे कि आने वाले वक्त में वो अपने जिले में सबको साथ लेकर चल सकें। जब यह कह दिया गया कि अगर मान लीजिए इन्होंने अच्छे काम किया तो हम इनको CEC जो होती है टिकट डिस्ट्रीब्यूशन कमेटी उसमें इनको चांस देने बैठने का बोलने का आपका असेसमेंट क्या है जिले के अंदर विधायक के लिए एमपी के लिए, तो बहुत बड़ा निर्णय है। अब पूरा खेल डिपेंड करेगा जो बने है
सवाल - सर अभिषेक बनर्जी है सांसद बंगाल में उनके साथ मारपीट हुई है कल?
जवाब - देखिए पूरा मैंने पहले ही कह दिया आपको कि अगर बीजेपी जीत गई बंगाल में मैंने कलकत्ता जाकर यह बात कही वहाँ पर मीडिया को भी अगर बीजेपी की एंट्री हो गई पूरा देश निराश होगा यह मैंने सोच समझकर कहा था क्योंकि बीजेपी की एंट्री जो बंगाल में अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि है उनकी, उनका त्याग उनका बलिदान अलग ढंग का है सुभाष चंद्र बोस से लगाकर रविंद्र नाथ टैगोर तक के अलग-अलग वहां पर औरा बने हुए हैं उसे राज्य में अगर बीजेपी घुसती है और वो देखा आपने किस रूप में घुसी है, घुसी नहीं है इलेक्शन कमीशन ने घुसाई है जबरदस्ती ढाई लाख लोग लगा दिए वहां पर, अरे मैंने सुना तीन लाख लोग तो पूरे देश में लगते हैं चुनाव होते हैं जब और एक राज्य में ढाई लाख लोग ठूस दिए। यूपी के आईपीएस अफसर गए आपने देखा गालियों मोहल्ले में जाकर धमका रहे हैं लोगों को उनका काम है ही नहीं आईपीएस का वह तो खाली ऑब्जर्व करते हैं वहां पर चाहे आईएएस हो चाहे आईपीएस हो और वहां पर स्थित यह बन गई तो चुनाव जिस प्रकार SIR किया 27 लाख वोट मैं बार-बार कहता हूं चुनाव पोस्टपोन होने चाहिए थे और मैं नहीं कहता हूं मैं देखता हूं अच्छे-अच्छे पत्रकार आपके जो इंटेलेक्चुअल हैं जो बोलते हैं सोशल मीडिया पर वो खुद कहते हैं 27 लाख लोगों को वोट से आप कैसे वंचित कर सकते हो उनका फैसला नहीं होता तब तक 3 महीने 4 महीने 6 महीने पोस्टपोन कर दो चुनाव पर चुनाव हो गई 27 लाख के बगैर भी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कमेंट भी आ गया उनका कोई वकील लोग समझ नहीं पाए होंगे कि इस बार नहीं तो अगली बार वोट दे देंगे ऐसा कभी होता है क्या जो आदमी का वोट देने का अधिकार है वो एक वोट भी वंचित नहीं रहना चाहिए। तो आज जो बनर्जी के साथ में घटना आप कह रहे हो यह तो घटना क्योंकि वो नेता हैं वहां टीएमसी के इसलिए प्रकाश में आ गई है वहां जब से चुनाव टीएमसी हारी है तब से वहां गुंडागर्दी जो यह अपने आप को आरएसएस बीजेपी के कहते हैं हम तो चाल चरित्र और चेहरे वाले लोग हैं ये पूरी तरह एक्सपोज हैं वहां पर गली गली में गुंडागर्दी हो रही है, उनके ऑफिसेज पर हमले हो रहे हैं, ऑफिसेज खाली करवाए जा रहे हैं, क्या नहीं हो रहा है बंगाल के अंदर? पूरा देश देख रहा है तो ये और इलेक्शन कमीशन भी चुप है पुलिस सरकार बदलते ही खुद बदल जाती है सब जानते हैं,उनकी मजबूरी होती है कि जो मुख्यमंत्री है उनकी बात माननी होती है।
ऐसे हालत में देश चले गया है, भारत सरकार तो क्योंकि डबल इंजन है तो वो इंजन भी उनके पक्ष में हो गया, डबल मार पड़ रही है वहां पर डबल इंजन की मार पड़ रही है। जो मोदी जी कहते हैं डबल इंजन की सरकार बनेगी डबल इंजन ऐसा काम आता है गुंडागर्दी में काम आ रहा है, बहुत ही ऐसे हालात हैं जो पूरे देश को युवा पीढ़ी को समझना चाहिए कि देश किस दिशा में जा रहा है क्या विचारधारा होनी चाहिए।
जो संविधान बाबा साहब अंबेडकर ने कहा गांधी जी ने कहा उस भावना के आधार पर देश चल रहा है क्या? तमाम ऐसी बातें जो है हमारे जेहन में होनी चाहिए और अगर युवा पीढ़ी भी आगे नहीं आएगी तो कौन आएगा उनको विचारधारा की राजनीति में उतरना चाहिए,जो छात्र हैं या युवा हैं उनका राजनीति में प्रवेश करने का वक्त आ गया है। ऐसे हालात है देश के अंदर मैं अपने अनुभव से कह सकता हूं आज जमाना जो है हमारी युवा पीढ़ी और छात्र राजनीति करने वाले लोग सबको विचारधारा के आधार पर चिंतन मनन करना चाहिए, वह किस पार्टी में जाएं उनके ऊपर है पर कम से कम विचारधारा क्या है देश की क्या होनी चाहिए उसपर उनका अपना एक विचार होना चाहिए
सवाल - डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे.
जवाब - जिस रूप में ये पूरा जो सत्ता का फैसला हुआ परिवर्तन करने का मुख्यमंत्री को यह, ये मानता हूं पूरे देश के अंदर लोग मानते हैं कि राहुल गांधी जी ने बहुत ही तरीके से सबसे बात करके सबको विश्वास में लेकर के ये परिवर्तन का फैसला किया और क्यूंकि सिद्धारमैया जी बहुत अनुभवी थे लंबे समय तक राजनीति की उन्होंने अच्छा काम किया उन्होंने भी। पर क्योंकि राजनीति में कई बार फैसले होते हैं अब डीके शिवकुमार जी भी काबिल हैं कर्मठ हैं समर्पित हैं पार्टी के लिए भी अपने प्रदेश के लिए भी और देश के लिए भी, और समय-समय पर देखा हमने जब भी बीजेपी की सरकार ने एनडीए गवर्नमेंट ने और बीजेपी ने विशेष रूप से सरकारें गिराने का काम किया मध्य प्रदेश के अंदर चाहे वो कर्नाटक में हो चाहे महाराष्ट्र में हो चाहे राजस्थान में हो उसे वक्त हमेशा डीके शिवकुमार जी खड़े रहे पार्टी के साथ में, जो भी उनको काम उनको ज़िम्मेदारी दी गई उन्होंने निभाई।
बल्कि आपको याद होगा जब हिमाचल में भी बीजेपी ने हॉर्स ट्रेडिंग की थी 5 MLAs को तोड़ लिया हमारा उम्मीदवार अभिषेक मनुसिंघवी हार गया तब भी डीके शिवकुमार जी गए थे वहां पर और जाकर उन्होंने समझाइश करी और सरकार बचा ली। तो वो एक अलग ढंग के व्यक्तित्व के धनी हैं और उम्मीद करते हैं कि उनके बनने के बाद में एक नए उत्साह के साथ में वो आगे बढ़ेंगे और कामयाब मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे। मेरी बहुत-बहुत बधाइयां हैं और मेरी उनसे बात भी हुई मैंने उनको बधाई दे दी है और शुभकामनाएं दे दी हैं।
Go to Top
Best viewed in 1024X768 screen settings with IE8 or Higher