Shri Ashok Gehlot

Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura

मीडिया से बातचीत की

दिनांक
05/09/2026
स्थान
जयपुर


मीडिया से बातचीत की :

सीपीपी चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गाँधी की आगामी पुस्तक को लेकर पेंगुइन के विथड्रॉ होने संबंधी प्रश्न का उत्तर:
प्रकाशक आनाकानी कर रहा है, बहानेबाजी कर रहा है। हमने पहले ही कहा था कि हो सकता है इनके ऊपर पीएमओ का दबाव हो, सरकार का दबाव हो, वरना जो इनकी मूल संस्था है पेंगुइन की वर्ल्ड के अंदर, वह तैयार है छापने के लिए और छाप भी रहा है और अभी भी छाप रहा है। दुनिया में छप सकती है, इंडिया में क्यों नहीं छप सकती वो किताब? तो इनकी पोल खुल गई पेंगुइन की, जो आर्गुमेंट दे रहे थे कि हमारी मंशा यह नहीं थी, मंशा वो नहीं थी, वो तमाम वो एक्पोज हो गए हैं। अभी तक आरोप जब लगे पीएमओ पर लगे, सरकार पर लगे तो सरकार की तरफ से एक शब्द नहीं बोला गया है, जिसका मतलब उन्होंने स्वीकार किया आरोप को क्योंकि सोनिया गांधी कोई मामूली नेता नहीं है। वो नेता प्रतिपक्ष रही हैं लोकसभा के अन्दर, कांग्रेस प्रेसिडेंट रही हैं 22 साल तक, लंबे समय से राजनीतिक जीवन है। यूपीए गवर्नमेंट में एनएसी की चेयरपर्सन रही थीं,

और आप सबको मालूम है कि किस प्रकार क्रांतिकारी जो कदम उठाए गए थे RTE, फूड सिक्योरिटी एक्ट, RTI, नरेगा ये सब क्रांतिकारी काम थे। पूरे देश में उनके व्यक्तित्व को लेकर, उनके कामों को लेकर, उनकी सोच को लेकर, उनके व्यवहार को लेकर, राजीव गांधी जी जबसे शहीद हुए हैं, उन्होंने इंदिरा गांधी को अपने बाहों में खोया है। इंदिरा जी के लिए गोलियां लगी थी सबसे पहले सोनिया गांधी पहुंची थीं वहां, उनकी बांहों में उन्होंने दम तोड़ा है। वो घटना उसके बाद में लगभग पाँच साल बाद में अपने पति को खोना राजीव जी को, तब भी हिम्मत के साथ में जब ऐसी स्थिति बनी कांग्रेस कमजोर हो रही थी तो हम सबके आग्रह पर उन्होंने आना स्वीकार किया पार्टी के अंदर और लंबे समय तक अध्यक्ष रहकर उन्होंने बता दिया कि एक इटली की रहने वाली महिला वो उन्हें जिस प्रकार से जिंदगी जी यहां पर भारतीय नारी की संस्कृति संस्कार को अपना करके, उस वक्त लोग आलोचना करते थे क्या कोई मिलता नहीं आपको जो विदेशी को आप कांग्रेस प्रेसिडेंट बना रहे हो, अरे कांग्रेस की स्थापना भी की वो विदेशी ने करी थी 1885 के अंदर, तो विदेशी-देशी क्या होता है, जो देश के लिए अपने आप को समर्पित कर दे वो फिर देश विदेश क्या होता है ,पर इन्होंने जो काम किया आज पूरा देश मुल्क जो है इनकी बात तो नहीं कर सकता जो आरएसएस के और बीजेपी, उसमें भी अधिकांश लोग ऐसे होंगे जो प्राइवेटली तारीफ करते हैं सोनिया गांधी जी के व्यक्तित्व की कृतित्व की। उस महिला ने पहली बार हिम्मत करी है, नेहरू खानदान का कोई व्यक्ति कभी नेहरू जी ने नहीं लिखी आत्मकथा, इंदिरा गांधी जी ने नहीं लिखी, राजीव गांधी ने नहीं लिखी और लोगों ने लिखी होगी उनके बारे में, टिप्पणी लिखी होंगी, उनके लेखन किया होगा,पर आत्मकथा खुद ने नहीं लिखी। सोनिया गांधी जी पहली हैं परिवार से जिन्होंने सोच समझकर के, जो भ्रम फैलाया गया है, जिस प्रकार का भ्रम फैलाया गया एनडीए गवर्नमेंट आने के बाद मोदी जी ने, इनके कुनबे ने, चाहे RSS हो चाहे BJP हो, पंडित नेहरू के बारे में क्या कहा गया है, किसके बारे में क्या नहीं कहा गया, वो देश भूल नहीं सकता। ऐसे शब्द काम में लिए गए मैं वापस रिपीट नहीं करना चाहता। मोदी जी ने चाहे सोनिया जी के बारे में हो, चाहे वो किसी नेता के परिवार के बारे में हो, पर इन्होंने ग्रेस रखा , उनका कोई जवाब नहीं दिया, ना राहुल गांधी ने दिया जवाब, क्या क्या इनके बारे में षड्यंत्र किया गया उनकी इमेज को डाउन करने के लिए। ये परिवार ऐसा है,पूरे देश में आलोचना कभी हुई होगी इन्होंने कभी भी आलोचना का जवाब नहीं दिया क्योंकि इनको विश्वास है देशवासियों पर, कांग्रेस जनों पर।


कितना ही बकवास कर लें कितना ही आरोप लगा लें, झूठे सच्चे कुछ भी कर लें, जनता और कांग्रेसजन स्वीकार नहीं करेगा। वो सिद्ध कर दिया है अभी और इन्होंने कि जो पुस्तक लिखी जा रही है, आत्मकथा लिखी जा रही है ,इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और जो आप कह रहे हो कि नई कंपनी आ रही है प्रकाशक नया आ रहा है, ये तो जब से मालूम पड़ा कि पेंगुइन विथड्रा कर गया,प्रकाशक, तब से ही लोग ऑफर करने लग गए उसी दिन से बड़े-बड़े प्रकाशकों ने, इसलिए जो आप कह रहे हो कि नया प्रकाशक आ रहा है नई बात नहीं है, आएगा, किताबें छपेगी दस नवंबर को ये रिलीज होगी।

कांग्रेस प्रेसिडेंट श्री मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान किए जाने तथा भाजपा सरकार द्वारा कार्रवाई न करने को लेकर पूछे सवाल का उत्तर :

यह देश की गंभीर घटना है। कांग्रेस प्रेसिडेंट के साथ में ऐसा हो सकता है, आप कल्पना कीजिए पूरे देश के अंदर दलित वर्ग के साथ में क्या हो रहा होगा? यह हम जानते हैं।

इनके शासन में जो लापरवाही हो रही है उससे वह बढ़ गया है। यह मैं नहीं कहता कभी हुआ ही नहीं, पहली बार इशू हुआ है। यह घटनाएं, अन्याय, अत्याचार, उत्पीड़न की होती रही हैं, परंतु जो यह घटना हुई है खरगे साहब वाली, उसको पूरे देश में जो वर्ग है, दलित वर्ग है, पिछड़े वर्ग हैं, आदिवासी हैं या गरीब आदमी कोई हो, जिसको पीड़ा है, दलित वर्ग के प्रति हमदर्दी है, संवेदनशीलता रखती है सरकारें हों चाहे वह कोई आदमी हो, देशवासी हो, उसको बहुत दर्द हुआ है। अभी वह समझ नहीं पा रहा है कि यह इतनी हिम्मत और हिमाकत कैसे कर ली?

जहाँ तक सवाल है कि राज्यसभा के अंदर जब मुद्दा उठाया खरगे साहब ने, तो उन्होंने यह भी कहा कि 'मैंने ज़िंदगी बिता दी है, कभी मैंने शेड्यूल कास्ट के नाम से कोई चीज़ नहीं माँगी है। पर यह अपमान मेरा नहीं है, यह अपमान पूरे देश के दलितों का है, इसलिए मैं पीड़ा के साथ में यह बात उठा रहा हूँ।'

जे.पी. नड्डा साहब ने खड़े होकर कहा, जो वहाँ पे लीडर भी हैं हाउस के, कि 'इसको मैं गंभीरता से लेता हूँ और इसमें हम कार्रवाई करेंगे।'

फिर खरगे साहब को, राहुल गांधी जी को पत्र लिखना पड़ा। खरगे साहब बार-बार रिमाइंड करवा रहे हैं, हम सब रिमाइंड करवा रहे हैं नेता लोग, जितने कांग्रेस के हैं कि भाई नड्डा साहब का हाउस में आश्वासन कोई मामूली बात नहीं होती है। हाउस में आश्वासन देना ही अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है।

तो नड्डा साहब जब बोले थे तो सबने लाइक किया था और उम्मीद की थी कि अब यह कुछ कार्रवाई करेंगे। उत्तराखंड सरकार जो बीजेपी की है उसको कहेंगे, अविलंब कार्रवाई होगी, लोग अरेस्ट होंगे, मुकदमे दर्ज होंगे और लोग अरेस्ट होंगे, कुछ भी नहीं हुआ, कुछ भी नहीं हुआ।

इसका दर्द हम सबको है, देशवासियों को है, बहुत भयंकर आक्रोश है। अब अगर बीजेपी की सरकार, एनडीए गवर्नमेंट नहीं समझ पा रही है तो टाइम पे लोग समझा देंगे उनको, यह मेरा मानना है।

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