Shri Ashok Gehlot
Former Chief Minister of Rajasthan, MLA from Sardarpura
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जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत
दिनांक
09/09/2026
स्थान
जोधपुर
जोधपुर एयरपोर्ट के नए भवन को लेकर पूछे प्रश्न का उत्तर :
जोधपुर एयरपोर्ट का नया भवन बना है पर पहली बरसात में ही पानी भर गया तो लोगों में बहुत चर्चा रही इसकी। एयरफोर्स से संबंधित झगड़ा जो दो साल से झगड़ा नहीं मिट रहा था, उसको निपटाने में कांग्रेस सरकार का बहुत बड़ा योगदान है। जमीनों का आदान-प्रदान नगर निगम से करना था, वो भी हमने करवाया। ये उस वक्त की बात है।
भवन बनने के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है। हाई कोर्ट की ऐसी स्थिति बन गई है, पार्लियामेंट की बन गई है। तो कहीं न कहीं ऐसी स्थिति है कि ठेकेदारों पर अंकुश होना जरूरी है। पार्लियामेंट भवन में पहली बरसात के अंदर पानी पहुंच गया, तो ये स्थिति है, अब हाई कोर्ट बिल्डिंग में भी पहुंच गया।
ऐसा मुझे एहसास है, मैं मालूम कर रहा हूं कि कोई जमाने के अंदर हाई कोर्ट बिल्डिंग हो या लोअर कोर्ट बिल्डिंग हो, सरकारें बनाती थीं और वो हैंडओवर करती थीं कोर्ट को, जुडिशरी को। उससे रेस्पोंसिबिलिटी फिक्स होती थी अपने आप ही।
अब क्या हुआ, पूरा देखरेख हाईकोर्ट प्रशासन का ही था तो ऐसी स्थिति बन गई कि आज शिकायतें ही शिकायतें हो रही हैं। मुझे पता नहीं अन्य राज्यों में क्या हो रहा है, अन्य राज्यों में भी अगर सब जगह जुडिशरी वाले खुद बना रहे हैं, तो कोई दिक्कत तो नहीं है। यहां पर भी अगर मान लो वो सिस्टम ठीक है, तो हम स्वागत करेंगे। तो मेरा मानना है कि प्रशासनिक काम सरकार का डिपार्टमेंट देखे। उनकी जिम्मेदारी फिक्स हो, तो ये स्थिति नहीं बने। दुख होता है कि नई बिल्डिंग है और ऐसी स्थिति बन जाती है
सवाल : नगर निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री खुद रोड शो कर रहे हैं ?
जवाब : अब कितनी बार मैं कह चुका हूं, कल मैंने पॉडकास्ट भी किया है। जोधपुर सहित पूरे प्रदेश के अंदर कांग्रेस का माहौल बन चुका है। मुख्यमंत्री जी को नगरीय निकाय चुनाव में रोड शो करने की नौबत क्यों आई? पहली बार इतिहास में कोई मुख्यमंत्री घूम रहे हैं। हमने तो अपने वक्त में कभी कैंपेन किया ही नहीं। ये लोकल चुनाव हैं, लोकल नेता सक्षम होते हैं,उनमें दमखम होता है, वह योग्य होते है और जमीन से जुड़े होते हैं उन पर छोड़ना चाहिए चुनाव। आप सिंबॉलिक मीटिंग कर लो, अलग बात है पर आप पूरे राजस्थान में घूम रहे हो क्योंकि आपने कुछ काम किए ही नहीं।
लोगों में आक्रोश है , हमारे वक़्त में पट्टे देने के काम हो रहे थे, सड़कों के हो रहे थे, जो भी काम थे , प्रशासनिक काम भी थे, काम करने का एक माहौल था। शिकायतें तो देखो, हर गवर्नमेंट में रहती हैं। मैं दावा नहीं करता कि मेरे वक्त में कोई शिकायत नहीं थी पर लाखों पट्टे दिए गए और अब ये पट्टे दे नहीं पा रहे हैं। ढाई-तीन साल इनको हो गए हैं, 1 लाख पट्टे मुश्किल से दिए होंगे। तो मेरा मानना है कि ये अब चाहे कितने ही घूमो, कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। जनता मानस बना चुकी है।
जोधपुर में कांग्रेस का बोर्ड बनेगा। जो फीडबैक आ रहा है उससे कार्यकर्ताओं में शानदार उत्साह है। आम पब्लिक कांग्रेस के साथ जुड़ी है। और जो इनके वोट बैंक कहलाते थे, सो कॉल्ड, वो भी इस बार टूट रहे हैं। पूरे प्रदेश से खबरें आ रही हैं कि जो इनका वोट बैंक कहलाते थे, वो भी बड़े गुस्से के अंदर हैं उनके साथ व्यवहार भी अच्छा नहीं हो रहा है। हालात बड़े गंभीर हैं। तो मैं समझता हूं कि इस बार स्थानीय निकाय में कांग्रेस के बोर्ड बनेंगे और मैं बार-बार कह रहा हूं कि इन लोगों को झटका लगना जरूरी है।
सवाल : केंद्रीय मंत्री तो कई वार्डों को व्यक्तिगत चुनाव मान के घूम रहे हैं लगातार जोधपुर में।
जवाब : व्यक्तिगत और सार्वजनिक की उनकी क्या परिभाषा है मुझे पता नहीं है, पर वो तो वही हैं।
सवाल : 40 लोगों का जोधपुर में निष्कासन हुआ, बागी या दागी कहें। क्या ये जल्दबाजी नहीं थी सर?
जवाब : देखो, मैं तो अभी आया ही हूं। जो निर्णय प्रदेश के अंदर होता है पीसीसी का सर्कुलर होता है और उसमें जो दिशा-निर्देशन होता है, उसके अकॉर्डिंग टू सब जिला कांग्रेस कमेटियां काम करती हैं।
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