प्रतापगढ़ में आयोजित जन आक्रोश यात्रा महारैली में संबोधन (30 अगस्त 2026)
दिनांक
30/08/2026 |
स्थान
प्रतापगढ़
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भाजपा के कुशासन से जनता त्रस्त:
अगर आप राजस्थान के किसी कोने में जाओगे, तो आपको एक ही बात मिलेगी जो यहाँ मिल रही है वही आपको चाहे उदयपुर संभाग के अलावा मेवाड़ हो, मारवाड़ हो, ढूँढाड़ हो, हाड़ौती हो, करौली, धौलपुर , कहीं जाओगे आप, बीकानेर संभाग में जाओगे, आपको लगेगा वहाँ के गाँव वाले भी तारीफ़ क्यों करते हैं स्कीमों की! स्वास्थ्य सेवाओं की!
आज महँगाई का ज़माना है। इलाज बहुत महँगा होता है, दवाइयाँ महँगी होती हैं, ऑपरेशन बहुत महँगा होता है और बीमार कोई-न-कोई घर में पड़ते रहते हैं,बच्चे भी होते हैं, बूढ़े भी होते हैं, हमारी माता-बहनें भी होती हैं। आप बताइए खर्चा ₹500, ₹5000, ₹25000, ₹50000, 5 लाख... डिपेंड करता है बीमारी क्या है। अब 25 लाख तक का इलाज फ़्री हो जाए, यह देश में नहीं, दुनिया में कहीं नहीं हुआ था, यह बात मैं कहूँगा।
और इसी कारण से जो हमने स्वास्थ्य का बीमा किया आपका, तमाम टेस्ट फ़्री, दवाइयाँ फ़्री, ऑपरेशन फ़्री किया। अब भी लोग एक-दो-एक-दो आते हैं, आँखों में आँसू आ जाते हैं, जब भी मिलने के लिए लोग आते हैं। कल मुझे उदयपुर में मिल गया था, साढ़े छह लाख-साढ़े सात लाख का खर्चा था मेरी बहन का, ₹1 नहीं लगा और हार्ट के वाल्व चेंज हो गए उसके
तो कहने का मतलब यह है कि आज जो आपके दिमाग से बात निकलती है, भावनाएं आपकी आती हैं, यह तमाम योजनाएं जो रामलाल ने बताई हैं अभी आपको, कोई कमी रखी नहीं हमने। जो माँगा रामलाल ने, कॉलेज हो या सड़कें हों, बच्चों के दूध की बात हो, या बच्चों के ड्रेस की बात हो, क्या नहीं कहा इसने और क्या नहीं हुआ, आप बता दीजिए।
मैं तो खाली पूरी उदाहरण दूँगा आपको। अब मेडिकल कॉलेज की बात थी। मेडिकल कॉलेज का मतलब आप समझते हैं? बचपन से तरसते थे हम लोग कि हमारे ज़िले में मेडिकल कॉलेज होनी चाहिए। मेडिकल कॉलेज का मतलब होता है: एक तो 500 बेड का हॉस्पिटल उसी ज़िला हेडक्वार्टर में।
उसके बाद में 50, 60, 100 डॉक्टर होना, कॉलेज होना, नर्सिंग का कोर्सेस होना, सब कुछ वहाँ होता हैऔर यह भारत सरकार ने दिया नहीं था, राजसमंद में नहीं दिया, आपके प्रतापगढ़ में नहीं दिया और जालोर में नहीं दिया। अभी रामलाल जी कह रहे थे आपको, इन्होंने माँग करी और 350 करोड़ रुपए हमने मंज़ूर कर दिए कि यहाँ मेडिकल कॉलेज खुलेगी प्रतापगढ़ में।
अब नई सरकार आ गई मान लो तो क्या कारण है कि उस सरकार को और काम करने की बजाय, जो काम हमने सैंक्शन किए उनको बंद कर दिया? तमाम जो योजनाएँ हैं वो बंद पड़ी हैं अभी राजस्थान में, पूरे प्रदेश में। कहीं बिल्डिंग खड़ी है तो वहाँ डॉक्टर नहीं है, नर्स नहीं है, इक्विपमेंट नहीं है।
तो राजस्थान में जब नई सरकार बनी थी तो लोगों को उम्मीद होती है कि नई सरकार पिछली सरकार से अच्छा काम करके दिखाएगी। दुर्भाग्य से, सरकार बनते ही तीन-चार महीने में लोग कहने लग गए कि सरकार नाम की चीज़ ही नहीं है। चोरियाँ हो रही हैं, डकैती हो रही है, छोटी बच्चियों के रेप हो रहे हैं, बलात्कार हो रहे हैं।
आप सोचिएगा, जो क़ानून-व्यवस्था बिगड़ी है राजस्थान के अंदर, बिना पैसे दिए नीचे से ऊपर तक और पैसे भी मामूली नहीं, कई गुना ज़्यादा। करप्शन तो हर सरकार में होते होंगे, चाहे किसी पार्टी की सरकार हो, इस बार जो यह 'चाल, चरित्र, चेहरा' कहते थे हमारा RSS-BJP वाले, उनकी पूरी पोल खुल चुकी है। इतना भयंकर करप्शन हो रहा है, कोई कल्पना नहीं कर सकता।
प्रदेश और देश में महंगाई और बेरोज़गारी की मार:
महँगाई की मार अलग, बहन-बेटियाँ जानती हैं कि क्या बीतती है रसोई में उनको । बेरोज़गारी अलग है, नरेगा बंद कर दिया। अब बताइए, सोनिया गांधी जी और मनमोहन सिंह जी लेकर आए थे नरेगा स्कीम। दुनिया में ऐसी कोई स्कीम नहीं थी जिसमें गाँव वालों को अधिकार दे दिया गया था कि आपको 100 दिन का रोज़गार जब कभी माँगोगे, तो क़ानून के अंतर्गत मिलेगा, कोई भीख नहीं माँग रहे हो। आपको मिलेगा, कलेक्टर मना नहीं कर सकता और नहीं मिलेगा तो घर बैठे पेंशन मिलेगी, आधा पैसा मिलेगा। यह क़ानून पास किया भारत सरकार ने।
अब बताइए, उस नरेगा को बंद करना इतना बड़ा इन्होंने ज़ुल्म किया है जनता पर। अब अकाल पड़ रहा है। आपके यहाँ फिर भी मैंने रामलाल से पूछा तो प्रतापगढ़ में थोड़ी बरसात हुई है, छोटी-मोटी खेती हो रही है यहाँ पर। बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, बाक़ी आप जाइए पश्चिमी राजस्थान में, सब जगह हालात ख़राब, 22 ज़िले में भयंकर अकाल की स्थिति हो गई है।
अकाल पड़ने का मतलब पशुओं को चारा गायों के लिए, पीने का पानी मनुष्यों के लिए भी और पशुओं के लिए भी, रोज़गार की बहुत बड़ी समस्या और नरेगा बंद हो गया। नरेगा था, अकाल पड़ भी गया तो कोई तकलीफ़ नहीं होती थी क्योंकि नरेगा में काम मिल जाता था।
अब आपके नई स्कीम लेकर आ गए, 'जी राम जी'। अरे, भगवान का नाम क्यों बदनाम कर रहे हो यहां पे ? राम जी का नाम क्यों बदनाम करते हो? महात्मा गांधी के नाम पे नरेगा थी, रोज़गार की गारंटी थी, अब गारंटी नहीं है। स्टेट गवर्नमेंट को 40% पैसा देना पड़ेगा, पहले 10% देना पड़ता था। अब आप देखना कितनी तकलीफ़ होगी पूरे राजस्थान के अंदर गाँव वालों को, कोई सोच नहीं सकता। हम बार-बार चेता रहे हैं सरकार को अभी से ही कि आप तैयारी शुरू करें अकाल के काम खोलने की, पीने के पानी की व्यवस्था करें, पशुओं के चारे की व्यवस्था करें।
हम विपक्ष में हैं, हम दबाव ही दे सकते हैं। दबाव दे रहे हैं सरकार पर। और आप देख रहे हो सरकार की स्थिति क्या है, सरकार को परवाह ही नहीं है। सरकार या गवर्नेंस, शासन नाम की चीज़ नहीं है राजस्थान के अंदर। हमें चिंता सता रही है कि वास्तव में जिन गाँवों में अकाल पड़ा हुआ है, अगर टाइम पे अकाल के काम नहीं खुले, चारे का प्रबंध नहीं हुआ तो कितनी गायें मर जाएँगी।
गौशालाओं को अनुदान और लम्पी में मुआवजा हमारी कांग्रेस सरकार ने दिया:
यह गाय भक्त बनते हैं, जबकि आपको मालूम है कि राजस्थान भर में पहली बार मेरी सरकार ने गौशालाओं को भी अनुदान देना शुरू किया। 9 महीने अनुदान दे रहे हैं हम लोग, गायों का हमने इलाज फ़्री किया मनुष्यों की तरह। खाली आदमियों का नहीं किया, मैंने गायों का इलाज फ़्री किया , गायों का बीमा किया हम लोगों ने। जिस प्रकार से लंपी रोग आ गया था, मुझे पता नहीं आपके गाँव में कितनी गायों को हुई तकलीफ़। कल आदिवासी क्षेत्र से कार्यकर्ता आया था , उसने कहा था एक घर में एक गाय थी, दो गाय थी, तीन गाय थी, एक गाय मरने पे ₹40,000, लंपी रोग से गाय मर गई, एक गाय को ₹40,000 हमने दिए एक परिवार को।
आप सोच सकते हो हमारी सरकार कल्याणकारी सरकार थी। सोशल सिक्योरिटी वाली सरकार थी।
पेंशन स्वत: बढ़ने जैसे सामजिक सुरक्षा के अनेक फैसले किए :
सामाजिक न्याय मिले, इसलिए हमने महँगाई राहत शिविर लगाए। सब काम किए हमने। ग्रामीण ओलंपिक खेल शुरू किए, बुज़ुर्ग, बूढ़े, औरतें सबने भाग लिया खेलों के अंदर भी। महँगाई राहत शिविरों में आप बताइए, बिजली के 100 यूनिट माफ़ कर दिए हमने किसानों को, कितने ख़ुश हुए किसान! बिजली की मार बहुत भारी पड़ती थी, जो रामलाल जी बता रहे थे आपको। किसानों को 1000 यूनिट फ़्री कर दी बिजली हम लोगों ने।
तो हर वर्ग का हमने ध्यान रखा उस ज़माने के अंदर और इसीलिए गाँव में पेंशन थी बुज़ुर्गों की, बूढ़े लोगों की, बूढ़ी औरतों की, विधवाओं की, एकल नारी की, निःशक्तजनों की। पेंशन ₹500, ₹1000, ₹1500 तक बढ़ाते गए और फिर क़ानून पास कर दिया सरकार किसी की भी हो, ऑटोमैटिक 15% पेंशन बढ़ेगी ही बढ़ेगी। यह भी फैसला मैने किया ।
और यह पेंशन 4-4, 5-5 महीने से दे नहीं पा रहे हैं, हाल आप देख रहे हो। अरे और तो और, जो मर गया एक्सीडेंट में, मैंने ₹5 लाख किए, दो मर गए परिवार के तो ₹10 लाख किए। 2,500 लोगों के पैसे बकाया हैं राजस्थान के अंदर। अरे जो मर गया बेचारा गरीब, क्या ग़रीबी है उस घर की, उसको देखो कम से कम। उसको आप ₹5 लाख जो सैंक्शन कर दिया आपने, वो भी नहीं दे पा रहे हो आप लोग!
तो अब लिस्ट तो लंबी है कि मैं क्या काम गिनाऊँ आपको। मुझसे ज़्यादा तो यह जानते हैं आपके रामलाल जी। आप ख़ुद जानते हो, हम तो भूल जाते हैं क्योंकि 100, 200, 300, 400 काम किए होंगे। मैं कहीं जाता हूँ दौरे में, कहीं रुक जाती है मेरी गाड़ी, गाँव वाले इकट्ठे हो जाते हैं, तो मुझे वह ऐसी-ऐसी बातें बताते हैं जो मैं भूल गया हूँ।
आप सोच सकते हो कि क्या-क्या हमने नहीं किया। गाँव में अंग्रेजी स्कूल खोल दीं, बच्चों का भविष्य बहुत बदल जाए। हमारे बच्चे गाँव तक ही सीमित क्यों रहें? इंग्लिश पढ़ाना आवश्यक है आज के ज़माने में। मोबाइल फोन आ गए। अरे मैं मोबाइल फोन दे रहा था महिलाओं को, यह हमारी बहनें बैठी होंगी, किसी को मिला होगा। मैं सब महिलाओं को देने वाला था मोबाइल फोन, जो ₹6,000-₹7,000 का था। चुनाव डिक्लेयर हो गए, रोक दिया। यह भेदभाव है। इलेक्शन कमीशन ने रोक दिया। अभी बिहार में चुनाव हो रहे थे, बीजेपी का राज था वहाँ पर, परसों पोलिंग है, वोट पड़ेंगे परसों, आज महिलाओं के खाते में ₹10,000 जा रहे हैं वहाँ पर, उनको रोक नहीं रहे हैं वो लोग और मेरा स्मार्ट फ़ोन था राजस्थान में, रोक दिया यहाँ पर।
जब आप पुकारोगे, आपके बीच खड़ा मिलूंगा :
यूपीए गवर्नमेंट ने काम किया मनमोहन सिंह जी ने, सोनिया गांधी जी ने-शिक्षा का अधिकार क़ानून पास किया, नरेगा मैंने बताया, क़ानून बना के दिया, सूचना का अधिकार पारदर्शिता के लिए क़ानून बना के दिया। खाद्य सुरक्षा, आज जो आपको 5 किलो अनाज मिल रहा है, यह क़ानून पास है सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह का, यूपीए गवर्नमेंट के वक्त में। उस वक्त ₹2 किलो गेहूँ और ₹3 किलो चावल था, मैंने ₹1 किलो गेहूँ कर दिया राजस्थान के अंदर उस ज़माने के अंदर।
आपको याद होगा, अकाल पड़ गया। उस ज़माने में पहली बार मैं मुख्यमंत्री बना। आप लोगों ने तीन बार मुझे मुख्यमंत्री बनाया, तीन बार! अब तो नारा लगाना बंद करो, 'चौथी बार गहलोत सरकार' बंद करो भाई! तीन बार कम होते हैं क्या? तीन बार! पाँच-पाँच साल रखा मुझे हाईकमान ने सोनिया गांधी ने, राहुल गांधी ने, खड़गे साहब ने। पाँच-पाँच साल रखा है।
इसलिए बहुत मैंने किया है। अब भी मैं चाहे किसी पद पर रहूँ या नहीं रहूँ, उसकी चिंता मत करो आप लोग। मैं आप ग़रीबों के, आदिवासियों के, दलितों के, पिछड़ों के बीच में खड़ा रहूँगा।
ज़रूरी नहीं कि आप मुख्यमंत्री रह के ही काम कर सकते हो। कितने लोग मुख्यमंत्री रहते हैं भाई हिंदुस्तान में? कितने लोग रहते हैं, बताओ आप? हिंदुस्तान में तो गिनती के मुख्यमंत्री होते हैं कि नहीं होते हैं? नहीं भी होते हैं, वो भी काम करते हैं। होते हैं और बाद में हट जाते हैं, वो भी काम करते हैं। तो मैंने कह रखा है कि मैं राजस्थान में आप लोगों से दूर नहीं रहूँगा, यह मैंने वादा कर रखा है।
आप जब मुझे पुकारोगे, मैं आपके बीच में मिलूँगा। आपके सुख में, आपके दुःख में, कोई काम होगा आपका, मैं आपके लिए हर वक्त तैयार हूँ, यह दिमाग में रखना आप। यह चिंता मत करो, क्योंकि मुख्यमंत्री बनाता है हाईकमान बनाता है। वह तमाम लोगों की भावना देखता है, एमएलए क्या कहते हैं, जीत के आते हैं। फ़ैसला हाईकमान करता है, वह फ़ैसला उन पे छोड़ो।
अगली सरकार कांग्रेस की बने राजस्थान में इसमें एक बड़ी भूमिका मेवाड़ की होगी :
एक BAP पार्टी एक पैदा और हो गई । अब बताइए, BAP पार्टी ने 40 साल पहले कहा था हम तो अलग प्रदेश बनाने लिए, भील प्रदेश बना लेंगे । अरे आज विज्ञान का युग है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आ गई, AI आ गया। आपके बच्चे वगैरह पढाई करते होंगे । मोबाइल फोन है, दुनिया भर से जुड़े हुए हैं हम लोग आज। यह मीटिंग हो रही है ना, यह मीटिंग आज कोई जयपुर में देखना चाहे, दिल्ली में, बंबई में, लंदन में, अमेरिका में, वो बैठा- बैठा देख सकता है कौन कहाँ बैठा हुआ है, कौन भाषण दे रहा है, कौन यहाँ बैठा हुआ है, दुनिया में देख सकता है। और हमने तो अभी चालू कर रखा है मशीन को। हमारी मशीन चालू है। वो देख रही है जिनको मालूम है कि मैं बोल रहा हूँ, वो देख भी रहे हैं अभी। चाहें तो दुनिया देख सकती है, इतनी क्रांति हो चुकी है।
अब कहाँ यह भील प्रदेश की बात करते हैं? पीछे जाने की बात करते हैं, बाप पार्टी वाले। एक बार बच्चों में जोश आ गया। बच्चे बच्चे ही हैं, Gen-Z हुई नहीं हुई दिल्ली के अंदर। मैं कहना चाहूँगा BAP पार्टी वालों को भी, वो भी हमारे मिलने वाले, मित्र लोग हैं, मैं जब पहले मुख्यमंत्री था, मेरा साथ दिया BAP पार्टी वालों ने। सरकार बचाने में साथ दिया। मैं कैसे भूल सकता हूँ? कैसे भूल सकता हूँ? उनका साथ मिला। बाद में वो फिर वापस अलग भी हो गए।
तो वो जो उनके नेता हैं, तमाम लोग, उनको कहना चाहूँगा, राजकुमार वो उनका एमपी बन गया, हमने उनका साथ दिया। तब वो एमपी बन गए। अब मैं एक अपील करना चाहूँगा कि राजस्थान को एक करो। सरकार तभी बनेगी जब हमारा मेवाड़ जो है ,मारवाड़ है, मेवाड़ है, राजस्थान के विभिन्न संभाग हैं, यह तमाम मज़बूत होंगे कांग्रेस के पक्ष में, तब सरकार बनेगी।
अब आप चौथी बार का नारा लगा रहे हो। अरे चौथी बार कौन मुख्यमंत्री बने, वो छोड़ो अभी पर सरकार कांग्रेस की बने, वो तब बनेगी जब मेवाड़ मज़बूत होगा। मेवाड़ मज़बूती की शुरुआत जो है, प्रतापगढ़ से होनी चाहिए, इसलिए मैं आया हूँ। आपसे शुरुआत हो।
उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़ जहां लोग रहते है आपके पूरे मेवाड़ के अंदर, भीलवाड़ा हो चाहे राजसमंद हो, सब जगह लोगों को मैसेज जाना चाहिए कि प्रतापगढ़ के लोगों ने यह संकल्प ले लिया है कि पूरे मेवाड़ के अंदर वापस कांग्रेस मज़बूत होगी। अगली सरकार कांग्रेस की बने राजस्थान में, एक बड़ी भूमिका मेवाड़ की होगी, यह भावना सब में आनी चाहिए।